अयोध्या में आयोजित लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दौरान अचानक लगी आग ने पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मचा दी। राजघाट बाटी वाले बाबा घाट के पास चल रहे इस महायज्ञ में हजारों श्रद्धालु और संतजन एकत्रित थे। यज्ञ स्थल पर अचानक धधक उठी आग ने वहां मौजूद लोगों को भयभीत कर दिया। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे और आयोजन स्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
मौके पर उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह और गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह मौजूद थे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने तुरंत स्थिति का जायजा लिया और प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने लोगों को शांत रहने की अपील की और आश्वासन दिया कि आग पर जल्द ही काबू पा लिया जाएगा।
दमकल विभाग की चार गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। आग की लपटें तेज होने के कारण दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय पुलिस भी सक्रिय रही और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा घेरा बनाया गया। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यज्ञ स्थल पर सजावट और लकड़ी के मंडप बने हुए थे। आग संभवतः इन्हीं सामग्रियों से फैल गई। हालांकि आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं और विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रही है।
इस घटना ने श्रद्धालुओं को गहरे सदमे में डाल दिया है। कई लोग अपने परिवारजनों और परिचितों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे रहे। वहीं, आयोजन समिति ने भी राहत कार्यों में सहयोग किया और घायलों को तुरंत प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया।
अयोध्या धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यहां होने वाले महायज्ञ और धार्मिक आयोजनों में देशभर से श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में इस प्रकार की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आयोजन समिति और प्रशासन को भविष्य में और अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मंत्री दया शंकर सिंह और विधायक अभय सिंह ने कहा कि सरकार इस घटना को गंभीरता से ले रही है। दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

