ऑनलाइन अटेंडेंस के विरोध में शिक्षकों की नरेबाजी, पहले ही दिन स्कूल में शिक्षकों ने ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज नहीं कराई
ऑनलाइन अटेंडेंस प्रणाली के खिलाफ शिक्षकों का विरोध पहले ही दिन जोर पकड़ गया। स्कूल में शिक्षकों ने ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज नहीं कराई, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था में हड़कंप मच गया। शिक्षकों का कहना है कि यह प्रणाली उनके कामकाज में अनावश्यक बाधा उत्पन्न कर रही है और उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन गई है।विरोध प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल पारंपरिक तरीके से ही अटेंडेंस दर्ज कराना चाहते हैं।
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शिक्षकों के इस आंदोलन से शिक्षा विभाग की ओर से नई व्यवस्था के क्रियान्वयन में भी कठिनाई आ रही है। प्रशासनिक अधिकारियों ने शिक्षकों से बात कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया है, लेकिन शिक्षकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, वे ऑनलाइन अटेंडेंस का विरोध जारी रखेंगे।
प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षकों के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरू की है। अब देखना होगा कि इस मुद्दे का समाधान कैसे निकलता है और क्या शिक्षक अपनी मांगों को मनवाने में सफल होते हैं या नहीं।
शिक्षकों के इस विरोध प्रदर्शन ने विद्यार्थियों और अभिभावकों में भी चिंता पैदा कर दी है। कई अभिभावकों का मानना है कि अगर यह समस्या जल्द हल नहीं हुई तो इसका सीधा प्रभाव बच्चों की पढ़ाई पर पड़ेगा।
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वहीं, कुछ शिक्षक संघों ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है और इसे शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी कदम बताया है। संघों का कहना है कि प्रशासन को शिक्षकों की परेशानियों को समझते हुए उनकी मांगों पर विचार करना चाहिए और उचित समाधान निकालना चाहिए।
प्रशासन ने भी शिक्षकों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए एक समिति गठित करने का फैसला किया है जो इस मामले की विस्तृत जांच करेगी और सुझाव देगी कि ऑनलाइन अटेंडेंस प्रणाली को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है ताकि यह शिक्षकों के लिए बोझ न बने।
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समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि वे शिक्षकों के साथ मिलकर इस समस्या का हल निकालने के लिए प्रतिबद्ध हैं और जल्द ही कोई सार्थक समाधान निकालने की उम्मीद है।
इस बीच, शिक्षकों का विरोध जारी है और वे अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं। देखना यह है कि यह आंदोलन कब तक चलता है और क्या प्रशासन और शिक्षक मिलकर इस समस्या का समाधान निकाल पाते हैं। सभी की नजरें अब प्रशासनिक समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस विवाद को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी
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