बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की पद यात्रा में हजारों श्रद्धालु उमड़े, भीड़ नियंत्रण हेतु पुलिस ने कई मार्गों पर प्रतिबंध लगाए।
धीरेंद्र शास्त्री की विशाल पद यात्रा: छतरपुर-महरौली में भक्तों की भीड़, यातायात पर विशेष प्रतिबंध लागू
दिल्ली के छतरपुर और महरौली क्षेत्रों में शनिवार को बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की विशाल पद यात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में देशभर से आए करीब 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर श्रद्धालु “बागेश्वर सरकार की जय” और “जय श्री राम” के जयकारों के साथ पद यात्रा में शामिल हुए।
भक्तों की भारी संख्या को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पहले से ही विशेष तैयारियां की थीं। ट्रैफिक विभाग ने सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के लिए छतरपुर, महरौली, अंधेरी मोड़, फतेहपुर बेरी, किशनगढ़ और अन्य आसपास के मार्गों पर सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक नो-एंट्री और पार्किंग प्रतिबंध लागू किए। पुलिस की ओर से जारी परामर्श में नागरिकों को सलाह दी गई कि वे इन मार्गों से बचते हुए वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें ताकि अनावश्यक जाम से बचा जा सके।
ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों की सुविधा के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से लगातार अपडेट जारी किए। साथ ही, कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और ट्रैफिक कर्मियों को रणनीतिक रूप से तैनात किया गया ताकि आपातकालीन वाहनों की आवाजाही बाधित न हो। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मिलकर पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी की।
धीरेंद्र शास्त्री ने इस अवसर पर कहा कि पद यात्रा का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक जागरूकता और धर्म के प्रति श्रद्धा को बढ़ावा देना है। उन्होंने उपस्थित भक्तों से प्रेम, एकता और सद्भाव का संदेश अपनाने की अपील की। पद यात्रा के दौरान कई स्थानों पर भंडारे और जल सेवा की व्यवस्था की गई थी, ताकि भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आयोजन स्थल पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस, सिविल डिफेंस, ट्रैफिक विभाग और स्थानीय स्वयंसेवकों ने मिलकर काम किया। जगह-जगह मेडिकल सहायता केंद्र और लापता व्यक्तियों की सहायता डेस्क भी स्थापित की गई थी। इस दौरान कई धार्मिक झांकियां, भजन मंडलियां और शंखनाद से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
पद यात्रा के प्रभाव के चलते आसपास के बाजारों और सड़कों पर अस्थायी रूप से व्यापारिक गतिविधियों में थोड़ी मंदी देखने को मिली, लेकिन लोगों ने इसे श्रद्धा और भक्ति के भाव से स्वीकार किया। क्षेत्र के कई निवासी स्वयंसेवक के रूप में आयोजन की सफलता में शामिल हुए।
धीरेंद्र शास्त्री की यह पद यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक बन गई। भक्तों की अपार श्रद्धा और अनुशासन के कारण कार्यक्रम शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हुआ। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, शाम तक सभी मार्गों को सामान्य कर दिया गया और किसी बड़े जाम या दुर्घटना की सूचना नहीं मिली।
इस तरह, बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की यह विशाल पद यात्रा न केवल श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम बनी, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और जनसहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत कर गई।

