भूटान दौरे से लौटकर प्रधानमंत्री मोदी सीधे LNJP अस्पताल पहुंचे, रेड फोर्ट ब्लास्ट के घायलों से मिले, हालचाल जाना
भूटान की अपनी दो दिवसीय यात्रा पूरी कर भारत लौटते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधे दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने हाल ही में हुए लाल किला (रेड फोर्ट) ब्लास्ट में घायल हुए नागरिकों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने अस्पताल में भर्ती घायलों का हालचाल जाना, उनके परिजनों से बातचीत की और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
प्रधानमंत्री के साथ इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, दिल्ली के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और अस्पताल के चिकित्सक दल मौजूद थे। मोदी ने डॉक्टरों से घायलों के उपचार की जानकारी ली और कहा कि केंद्र सरकार घायलों के बेहतर इलाज के लिए हर आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने चिकित्सकों की तत्परता और अस्पताल प्रशासन के कार्य की भी सराहना की।
“देश आपके साथ है” — घायलों से मोदी का संदेश
पीएम मोदी ने घायलों से बातचीत के दौरान कहा कि देश उनके साहस को सलाम करता है और सरकार उनके परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले देश की एकता और मजबूती को कमजोर नहीं कर सकते। प्रधानमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों को इस घटना की गहराई से जांच करने के निर्देश दिए हैं और दोषियों को जल्द सज़ा दिलाने का भरोसा जताया।
मोदी ने एक घायल जवान से मुलाकात के दौरान कहा, “आपने देश की रक्षा करते हुए जो साहस दिखाया है, वह प्रेरणादायक है। पूरा भारत आपके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।” उन्होंने घायलों के बच्चों और परिवारजनों से भी बातचीत की, उन्हें हौसला दिया और कहा कि केंद्र सरकार हर स्तर पर मदद सुनिश्चित करेगी।
भूटान यात्रा से सीधे अस्पताल पहुंचना – प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता का उदाहरण
प्रधानमंत्री का भूटान से लौटते ही सीधे अस्पताल पहुंचना, उनकी संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का प्रतीक माना जा रहा है। आमतौर पर विदेश यात्रा से लौटने पर प्रधानमंत्री पहले आधिकारिक बैठकों या प्रेस वार्ताओं में शामिल होते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के सीधे घायलों से मिलने का निर्णय लिया।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम न केवल एक संवेदनशील नेतृत्व का परिचायक है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि देश के नागरिकों की सुरक्षा और भलाई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
रेड फोर्ट ब्लास्ट: जांच जारी
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास एक संदिग्ध विस्फोट हुआ था, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत इलाके को सील कर दिया था और जांच एजेंसियों ने सबूत एकत्र करने का काम शुरू कर दिया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, विस्फोट की प्रकृति और उद्देश्य का पता लगाने के लिए फोरेंसिक जांच चल रही है।
सरकार की प्रतिबद्धता
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाएँ आतंकवाद की निंदनीय कोशिशें हैं जो भारत की ताकत और एकता को तोड़ नहीं सकतीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस हमले के पीछे के अपराधियों को पकड़ने के लिए हर संभव कदम उठा रही हैं।
प्रधानमंत्री की यह अस्पताल यात्रा न केवल घायलों के लिए एक हौसला बढ़ाने वाला कदम थी, बल्कि पूरे देश के लिए एक मजबूत संदेश भी — कि जब संकट आता है, तो नेतृत्व जनता के साथ खड़ा होता है।

