मोदी 3.0 कैबिनेट में मंत्रालय पद का भार मिलते ही सारे मंत्री दिखे एक्शन में
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की शुरुआत एक नई ऊर्जा के साथ हुई है। नये कैबिनेट के नियुक्त होने के बाद, सभी मंत्री तेजी से काम पर उतरे और अपने-अपने मंत्रालयों में एक्शन प्लान को क्रियान्वित करने में जुटे। इस समय में सरकारी कार्यकाल में नए संकल्प और दृढ़ता की भावना दिख रही है, जो देश के विकास और प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है।
नए मंत्रियों की सक्रियता
1. कृषि मंत्रालय – शिवराज सिंह चौहान
कृषि मंत्रालय के नए मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने पदभार ग्रहण के बाद तुरंत ही किसानों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने विभिन्न कृषि योजनाओं की समीक्षा की और नई पहलों की शुरुआत की है, जिसमें किसानों को नई तकनीकों और कौशलों से अवगत कराने का प्रयास किया गया है। उनका लक्ष्य है कि कृषि क्षेत्र में विकास को गति देने और किसानों की आय में सुधार करने के लिए सक्रिय कदम उठाए जाएं।
2. विदेश मंत्रालय – सुषमा स्वराज
सुषमा स्वराज ने विदेश मंत्रालय का कार्यभार संभालते हुए भारत की विदेश नीतियों को मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। उन्होंने विभिन्न देशों के सर्वांगीण संबंधों को मजबूत करने के लिए उच्च स्तरीय संवाद का आयोजन किया है और देश की गरिमा को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत हैं।
3. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय – नरेंद्र सिंह तोमर
नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के नेतृत्व में अपने कार्यकाल की शुरुआत दर्जे आला से की है। उन्होंने किसानों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाओं को लागू करने का निर्णय लिया है और कृषि सेक्टर में नवाचारिक तकनीकों को प्रोत्साहित करने के लिए कई उपाय किए गए हैं।
4. गृह मंत्रालय – अमित शाह
गृह मंत्रालय के प्रमुख कार्यकाल के दौरान अमित शाह ने देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नई रणनीतियों की घोषणा की हैं। उन्होंने आतंकवाद और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का संकल्प लिया है और देश की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने का आश्वासन दिया है।
सक्रिय और समर्पितता से भरपूर
मोदी 3.0 के कैबिनेट मंत्री अपने पदभार संभालते ही सक्रिय और समर्पितता से काम कर रहे हैं। उन्होंने अपने क्षेत्रों में नए और सुधार योजनाओं को लागू करने के लिए तत्परता से कार्रवाई की है और सरकारी नीतियों को लागू करने में तेजी से उन्होंने कदम बढ़ाया है। इस प्रकार, नये कैबिनेट ने अपने प्रभावी और सक्रिय प्रदर्शन से देश की समृद्धि और प्रगति में नई ऊर्जा भर दी है।
सुषमा स्वराज ने विदेश मंत्रालय के प्रमुख कार्यकाल के दौरान भारतीय दिप्लोमेसी को मजबूत करने के लिए विशेष माने जाते हैं। उन्होंने भारत की विदेश नीतियों को अपने समय में मजबूती दी है और देश की संभावनाओं को विश्व में बढ़ावा दिया है।
नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय का कार्यभार संभाला है और उन्होंने किसानों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई नई योजनाओं की शुरुआत की है। उनका लक्ष्य है कि किसानों को अधिक उत्पादक और आर्थिक रूप से स्थिर बनाने के लिए विभिन्न सुधार योजनाओं को लागू किया जाए।
अमित शाह ने गृह मंत्रालय के प्रमुख कार्यकाल में देश की सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में तत्परता से कार्रवाई की है। उन्होंने नई सुरक्षा रणनीतियों की घोषणा की है और देश को आतंकवाद और अन्य सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया है।

