मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत शिवराज सिंह चौहान को कृषि मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया है। यह नियुक्ति भारतीय कृषि क्षेत्र में सुधार और विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। चौहान, जो मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं, अब राष्ट्रीय स्तर पर कृषि नीति और योजनाओं का नेतृत्व करेंगे।
शिवराज सिंह चौहान की राजनीतिक यात्रा
शिवराज सिंह चौहान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक वरिष्ठ नेता हैं, जिनका राजनीतिक करियर तीन दशकों से अधिक समय तक फैला है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, चौहान ने कृषि और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दिया। उनकी सरकार ने कई किसान-हितैषी योजनाओं को लागू किया, जिनसे राज्य के किसानों को काफी लाभ हुआ। उनके अनुभव और दृष्टिकोण को देखते हुए, उन्हें कृषि मंत्रालय का कार्यभार सौंपना एक रणनीतिक कदम है।
कृषि मंत्रालय की भूमिका
कृषि मंत्रालय का मुख्य कार्य कृषि से संबंधित नीतियों का निर्धारण और कार्यान्वयन करना है। यह मंत्रालय किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादन में सुधार, और कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का संचालन करता है। कृषि मंत्रालय का प्रभावी संचालन न केवल कृषि क्षेत्र को बल्कि समग्र अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करता है।
भारत में कृषि लगभग 60% आबादी का आजीविका स्रोत है। इसलिए, इस क्षेत्र में सुधार देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। खाद्यान्न सुरक्षा, ग्रामीण विकास, और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि मंत्रालय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
चौहान की प्राथमिकताएँ और दृष्टिकोण
शिवराज सिंह चौहान ने कृषि मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उनका उद्देश्य भारतीय कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाना, किसानों की आय को दोगुना करना, और कृषि में नवाचार को बढ़ावा देना है। उनके कुछ प्रमुख लक्ष्य निम्नलिखित हैं:
1. प्रौद्योगिकी का समावेश
चौहान ने कहा कि आधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने से कृषि में सुधार संभव है। इसमें ड्रोन, प्रिसिजन फार्मिंग, और डिजिटल प्लेटफार्मों का उपयोग शामिल है, जो किसानों को वास्तविक समय में जानकारी प्रदान करेंगे।
2. सिंचाई और जल प्रबंधन
सिंचाई और जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। चौहान ने व्यापक सिंचाई परियोजनाओं और जल संरक्षण तकनीकों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया है, जिससे किसानों को पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध हो सकें।
3. बाजार तक पहुंच
किसानों को बेहतर बाजार पहुंच प्रदान करने पर जोर दिया गया है। चौहान ने ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) के विस्तार की योजना बनाई है, जिससे किसानों को उनके उत्पादों के लिए उचित मूल्य मिल सके।
4. फसल विविधीकरण
किसानों को उच्च मूल्य वाली फसलों, बागवानी, और जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। फसल विविधीकरण से किसानों की आय में स्थिरता और वृद्धि दोनों संभव हैं।
5. छोटे और सीमान्त किसानों का समर्थन
छोटे और सीमान्त किसानों को विशेष समर्थन प्रदान किया जाएगा। इसमें क्रेडिट सुविधाओं का विस्तार, बीमा कवरेज, और सब्सिडी की समय पर आपूर्ति शामिल है।
चुनौतियाँ और समाधान
चौहान के सामने कई चुनौतियाँ हैं, जैसे भूमि का टुकड़ों में बँटना, अधोसंरचना की कमी, और बाजार की अस्थिरता। इन चुनौतियों से निपटने के लिए चौहान ने प्रक्रियाओं को सरल बनाने, निजी और सार्वजनिक साझेदारी को बढ़ावा देने, और वित्तीय सहायता को मजबूत करने की योजनाएँ बनाई हैं।
निष्कर्ष
शिवराज सिंह चौहान की कृषि मंत्रालय में नियुक्ति मोदी सरकार के कृषि क्षेत्र में सुधार और विकास के संकल्प को दर्शाती है। अपने व्यापक अनुभव और दृष्टिकोण के साथ, चौहान इस क्षेत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार हैं। उनकी नीतियाँ और योजनाएँ न केवल किसानों के लिए बल्कि पूरे देश के लिए लाभकारी साबित होंगी। आने वाले वर्षों में, चौहान के नेतृत्व में भारतीय कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव और प्रगति की उम्मीद की जा सकती है।

