प्रधानमंत्री मोदी ने अमरावती में कई परियोजनाओं का किया उद्घाटन, कहा – भारत की ताकत सिर्फ हथियार नहीं, एकता भी है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमरावती (महाराष्ट्र) में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए देश की प्रगति, एकता और आत्मनिर्भरता के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आज भारत सिर्फ सैन्य ताकत के बल पर नहीं, बल्कि देशवासियों की एकता, समर्पण और सहयोग से आगे बढ़ रहा है।
उद्घाटन किए गए प्रोजेक्ट्स में बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल थे, जिनमें नई सड़कें, रेलवे सुविधाएं, जल आपूर्ति योजनाएं, और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाएं प्रमुख थीं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य अमरावती और आसपास के क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें और स्थानीय जनता को सुविधाएं मिलें।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा, “आज भारत की ताकत सिर्फ हमारे हथियारों में नहीं है, बल्कि हमारी एकता में है। जब 140 करोड़ देशवासी एक लक्ष्य के लिए काम करते हैं, तो वह देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा देता है। यही एकता और भागीदारी देश को विश्वगुरु बनने की दिशा में ले जा रही है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अमरावती जैसे शहरों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण केवल क्षेत्रीय विकास नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इससे देश के छोटे शहरों और कस्बों को भी वह ताकत मिलती है, जो अब तक केवल बड़े महानगरों तक सीमित थी।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान की भी सराहना की और कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना न केवल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं को भी सशक्त बनाता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्टार्टअप और नवाचार में आगे आएं और देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दें।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रीगण, स्थानीय सांसद व विधायक, और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। जनसभा में उमड़ी भीड़ प्रधानमंत्री के स्वागत में उत्साहपूर्वक नारे लगा रही थी और पूरे माहौल में एक सकारात्मक ऊर्जा स्पष्ट रूप से महसूस की जा रही थी।
अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से यह अपील की कि वे अपने कर्तव्यों का पालन करें, समाज और देश के लिए एकजुट होकर कार्य करें और भारत को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने की इस यात्रा में सहभागी बनें।

