पटपड़गंज कालेश्वर नाथ शिव मंदिर में कृष्ण जन्मोत्सव की भव्य धूम, पंडित नीरज जी के सान्निध्य में आयोजन, विधायक रविंदर नेगी जी ने लिया आशीर्वाद

दिल्ली के पटपड़गंज गांव स्थित प्राचीन श्री कालेश्वर नाथ शिव मंदिर में इस वर्ष का कृष्ण जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। इस भव्य आयोजन का नेतृत्व पंडित नीरज जी ने किया, जो वर्षों से इस मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन कर रहे हैं। आयोजन में न केवल स्थानीय भक्तों ने भाग लिया, बल्कि दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने भी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की इस पावन घड़ी में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
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मंदिर को आकर्षक विद्युत सजावट, फूलों की मालाओं और रंगोली से सजाया गया था। वातावरण श्रीकृष्ण के भजनों, कीर्तन और शंखध्वनि से गूंज रहा था। रात 12 बजे जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्म समय हुआ, मंदिर में विशेष आरती और महाआरती का आयोजन किया गया। पूरे परिसर में “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की” के जयघोष से गूंज उठे।

इस विशेष अवसर पर पटपड़गंज (पूर्वी) विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री रविंदर सिंह नेगी जी ने भी मंदिर में आकर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने मंदिर समिति और आयोजनकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि, “धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और हमारी संस्कृति की जड़ें मजबूत होती हैं। इस तरह के कार्यक्रम हमें एकजुट करते हैं और आध्यात्मिक चेतना को जागृत करते हैं।”

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विधायक जी ने मंदिर में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं से बातचीत की, उनका कुशलक्षेम जाना और आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने इस अवसर पर स्थानीय विकास और धार्मिक स्थलों के संरक्षण पर भी अपने विचार रखे।

पंडित नीरज जी, जिन्होंने पूरे आयोजन का संचालन किया, उन्होंने जन्माष्टमी की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पर्व केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव नहीं है, बल्कि यह बुराई पर अच्छाई की विजय, धर्म की स्थापना और प्रेम, भक्ति व ज्ञान का संदेश भी है। उन्होंने बाल गोपाल की झांकी, पालना झूलन, कथा वाचन और भजन संध्या का भी आयोजन करवाया, जो भक्तों के लिए आध्यात्मिक अनुभूति का माध्यम बना।
कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें फल, माखन मिश्री और पंचामृत शामिल था। बच्चों के लिए विशेष प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जैसे बाल गोपाल वेशभूषा, श्रीकृष्ण लीलाओं का मंचन आदि, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया।
कुल मिलाकर यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से सफल रहा, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और अध्यात्मिक भावनाओं का संगम भी बना। श्री कालेश्वर नाथ शिव मंदिर का यह आयोजन क्षेत्र में एक मिसाल बन गया है और आने वाले वर्षों के लिए प्रेरणा स्रोत भी।

