“बनारस आवे के पड़ी”: पीएम मोदी ने किया 72वीं नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आगाज, काशी की खेल विरासत को सराहा
वाराणसी, 4 जनवरी 2026 – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आयोजित 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भव्य उद्घाटन किया। खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए वर्चुअली जुड़े प्रधानमंत्री ने न केवल खेल और टीम भावना पर जोर दिया, बल्कि काशी की सदियों पुरानी खेल परंपराओं को भी याद किया।
बनारस आवे के पड़ी – पीएम का आत्मीय स्वागत
अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने स्थानीय बनारसी अंदाज में खिलाड़ियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा, “कहावत है कि बनारस के जानल चाहत होई, त बनारस आवे के पड़ी (बनारस को जानना है तो बनारस आना ही पड़ेगा)।” उन्होंने खुशी जताई कि देश के 28 राज्यों और विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों से 1,000 से अधिक खिलाड़ी आज इस पावन नगरी में जुटे हैं, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की जीवंत तस्वीर पेश कर रहे हैं।
काशी: खेल और संस्कृति का संगम
प्रधानमंत्री ने वाराणसी को केवल धर्म और ज्ञान की नगरी ही नहीं, बल्कि “खेल प्रेमियों का शहर” भी बताया। उन्होंने कहा:
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पारंपरिक खेल: काशी में कुश्ती, अखाड़े, मुक्केबाजी, नौका दौड़ और कबड्डी जैसी खेल परंपराएं आज भी जीवित हैं।
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शैक्षिक संस्थानों का योगदान: बीएचयू (BHU), यूपी कॉलेज और काशी विद्यापीठ जैसे संस्थानों ने देश को कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं।
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आतिथ्य परंपरा: पीएम ने भरोसा जताया कि बनारस के दर्शक खिलाड़ियों का जोश ‘हाई’ रखेंगे और उन्हें यहां की मशहूर मेजबानी व ‘मलइयो’ जैसे स्थानीय व्यंजनों का आनंद लेने का मौका मिलेगा।
वॉलीबॉल का ‘टीम फर्स्ट’ मंत्र और भारत की प्रगति
वॉलीबॉल को संतुलन और समन्वय का खेल बताते हुए पीएम मोदी ने इसे भारत की विकास यात्रा से जोड़ा। उन्होंने कहा कि वॉलीबॉल हमें ‘टीम फर्स्ट’ का मंत्र सिखाता है। जिस तरह मैदान पर कोई खिलाड़ी अकेले नहीं जीतता, उसी तरह देश की प्रगति के लिए भी सामूहिक संकल्प की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि आज भारत स्वच्छता अभियान से लेकर डिजिटल इंडिया तक, इसी ‘इंडिया फर्स्ट’ की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है।
ओलंपिक 2036 और खेल सुधार
प्रधानमंत्री ने एक बार फिर दोहराया कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए “पूरी शक्ति” से तैयारी कर रहा है। उन्होंने पिछले दशक के सुधारों का जिक्र करते हुए कहा:
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बजट में वृद्धि: खेलों के लिए बजट को कई गुना बढ़ाया गया है।
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नई नीतियां: ‘खेलो भारत पॉलिसी 2025’ और ‘नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट’ के जरिए खेल तंत्र को अधिक पारदर्शी और एथलीट-केंद्रित बनाया गया है।
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मेगा इवेंट्स: भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के साथ ओलंपिक के लिए एक मजबूत नींव तैयार कर रहा है।
समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे, जिन्होंने डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में दीप प्रज्वलित कर टूर्नामेंट की शुरुआत की। 11 जनवरी तक चलने वाली इस चैंपियनशिप में देशभर की 58 टीमें (पुरुष व महिला वर्ग) अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।

