कोलकाता, 2 मई 2026 – पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में शनिवार को पुनर्मतदान के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। यह पुनर्मतदान चुनाव आयोग के आदेश पर 15 बूथों में कराया जा रहा था, जिनमें मगराहाट पश्चिम के 11 बूथ और डायमंड हार्बर के 4 बूथ शामिल हैं।
🔹 पुनर्मतदान का कारण
चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल को हुए मतदान के बाद कई शिकायतों और अनियमितताओं की रिपोर्ट मिलने पर इन बूथों पर पुनर्मतदान का आदेश दिया। आरोपों में मतदाताओं को रोकना, ईवीएम में गड़बड़ी और हिंसा की घटनाएं शामिल थीं।
🔹 झड़प की घटनाएं
सुबह मतदान शुरू होने के कुछ ही समय बाद TMC और BJP समर्थकों के बीच झड़पें हुईं। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर मतदाताओं को धमकाने और मतदान प्रक्रिया बाधित करने का आरोप लगाया। कुछ स्थानों पर पथराव और धक्का-मुक्की की घटनाएं भी सामने आईं।
🔹 सुरक्षा इंतजाम
- चुनाव आयोग ने संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय बलों की तैनाती की थी।
- मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई।
- अधिकारियों ने बताया कि झड़पों के बावजूद मतदान जारी रहा और सुबह 11 बजे तक लगभग 37% मतदान दर्ज किया गया।
🔹 राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
- BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि TMC कार्यकर्ता मतदाताओं को मतदान से रोक रहे हैं और ईवीएम में गड़बड़ी कर रहे हैं।
- TMC नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि BJP चुनाव प्रक्रिया को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
- चुनाव आयोग ने कहा कि सभी शिकायतों की जांच की जाएगी और आवश्यक होने पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
🔹 निर्वाचन क्षेत्र का महत्व
- मगराहाट पश्चिम में TMC के मोहम्मद समीम अहमद मोल्ला और BJP के गौर सुंदर घोष के बीच मुकाबला है।
- डायमंड हार्बर में TMC के पन्ना लाल हल्दर और BJP के दीपक कुमार हल्दर आमने-सामने हैं।
- डायमंड हार्बर सीट को खास माना जाता है क्योंकि यह TMC सांसद अभिषेक बनर्जी का गढ़ है।
🔹 आगे की प्रक्रिया
पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को पूरा हो चुका है। अब गिनती 4 मई 2026 को होगी, जिसके लिए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
निष्कर्ष दक्षिण 24 परगना में पुनर्मतदान के दौरान हुई झड़पें राज्य की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की तीव्रता को दर्शाती हैं। हालांकि सुरक्षा बलों की मौजूदगी से मतदान प्रक्रिया जारी रही, लेकिन आरोप-प्रत्यारोप और हिंसा की घटनाओं ने चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। आगामी 4 मई को होने वाली मतगणना इन सीटों के परिणामों को निर्णायक बनाएगी।

