Vinayaka Chavithi 2023 : हर साल यह त्यौहार हिंदू महीने भाद्रपद के उज्ज्वल पखवाड़े (शुक्ल पक्ष) के चौथे दिन पड़ता है, जो आमतौर पर चंद्र कैलेंडर के आधार पर अगस्त या सितंबर में पड़ता है। गणेश चतुर्थी पर हम विघ्न हरता श्री गणेश जी का विधिवत पूजन अर्चना सरल विधि से कब और कैसे करे ? तो आईये इस ब्लॉग में हम आपको बता दे की हिन्दू पंचांग और आचार्य श्री अरुण कुमार व्यास जी के आनुसार इस बार गणेश जी की स्थापना 19 सितम्बर को किया जाएगा उत्तम मुहूर्त 11 बजे से 1:42 तक किया जाएगा इस वर्ष, गणेश चतुर्थी 19 सितंबर, मंगलवार को है और गणेश विसर्जन अनंत चतुर्दशी, 28 सितंबर, गुरुवार को होगा।
हैप्पी गणेश चतुर्थी 2023 शुभकामनाएं और उद्धरण : गणेश चतुर्थी, जिसे विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है, वास्तव में एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है जो भारत और दुनिया भर के हिंदुओं द्वारा बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह उत्सव का अवसर भगवान गणेश के जन्म का प्रतीक है, जो एक पूजनीय हिंदू देवता हैं, जिन्हें ज्ञान, धन और नई शुरुआत के देवता और भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र के रूप में भी जाना जाता है।
Ganesh Chaturthi Samagri List : पूजा की सामग्री में क्या क्या लगता है?
Ganesh Chaturthi Pujan Samgari List : पूजन सामग्री की पूरी लिस्ट भगवान गणेश की पूजा में गंगाजल, लाल कपड़ा, धूप, दीप, दूर्वा, चावल, मौली, फल, सुपारी, लाल चंदन, पंचमेवा, मोदक, लड्डू, नारियल, कलश, कपूर पंचामृत , नारियल, आम का पल्लो कलश आदि शामिल करें. ऐसी मान्यता है। कि इसे अर्पित करने से भगवान गणेश जल्द प्रसन्न हो सकते हैं।
गणेश पूजा की विधि : जाने पूरी विधि कैसे करते गणेश जी की स्थापना है?
शुद्ध आसन पर बैठकर सभी पूजन सामग्री को एकत्रित कर पुष्प, धूप, दीप, कपूर, रोली, मौली लाल, चंदन, मोदक आदि गणेश भगवान को समर्पित कर, गणेशजी को सूखे सिंदूर का तिलक लगाएं और इनकी आरती करें। अंत में भगवान गणेश जी का स्मरण कर ॐ गं गणपतये नमः का 108 नाम मंत्र का जाप करना चाहिए।
सुबह 11.20 बजे से दोपहर 01.20 बजे तक का समय सबसे अच्छा रहेगा, क्योंकि इस वक्त मध्याह्न काल रहेगा, जिसमें गणेश जी का जन्म हुआ था। तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार और पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र कहते हैं कि वैसे तो दोपहर में ही गणेश जी की स्थापना और पूजा करनी चाहिए।

