आरबीआई ने एक नई नीति जारी की है जिसके अनुसार जो लोग लोन लेते हैं और उनका पेमेंट डिफ़ॉल्ट हो जाता है, उन्हें अब अपने बैंक से कम पैसे वापस देने होंगे। यह नीति 1 अप्रैल 2021 से लागू हो गई है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में एक नई नियम जारी किया है जिसमें लोन डिफ़ॉल्टर्स के लिए कम भुगतान वाले समय रहने पर दण्ड लागू होगा। इस नए नियम के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति या कंपनी अपने लोन के भुगतान में देरी करता है और उसका लोन डिफ़ॉल्ट होता है, तो उसे अब ज्यादा धन वसूलने के लिए उस व्यक्ति या कंपनी से कम राशि भी मांगी जा सकती है।
इस नए नियम के अनुसार, बैंकों को लोन डिफ़ॉल्टर्स के खिलाफ उचित समय पर कार्रवाई करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा, बैंकों को अपने लोन निवेशों को अधिक संरक्षित करने के लिए नियमों का पालन करना होगा। यह नया नियम लोन डिफ़ॉल्टर्स के लिए एक विनाशकारी संदेश होगा जो उन्हें लोन के भुगतान में सक्षम बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगा।
इस नई नीति के अनुसार, जो लोग अपने लोन के पेमेंट में 90 दिन से अधिक का डिफ़ॉल्ट कर देते हैं, उन्हें बैंक से कम पैसे वापस देने होंगे। इसका मकसद यह है कि बैंक लोगों को डिफ़ॉल्टर नहीं बनने देंगे और लोन के पेमेंट करने के लिए उन्हें सक्षम बनाएंगे। यह नीति सभी प्रकार के लोनों के लिए लागू होगी, जैसे कि होम लोन, कार लोन, व्यक्तिगत ऋण आदि।

