HDFC के रिसर्च अधिकारी का मनना है कि इस वक्त रेपो रेट में कोई बदलाव लिक्विडिटी के हिसाब से नहीं किया जा सकता। 12 महीनों के पूर्वानुमान के बाद भी CPI इंडेक्स अभी भी 4 प्रतिसत लक्ष्य से लगातार ज्यादा पर बना हुआ है। महंगाई में लगातार हो रहे सुधार एक सामान्य स्थिति में परिवर्तन का अनुमान है हालांकि बाजार FOMC की भाविष्य की कार्रवाई को लेकर बटा हुआ है। हम मानते हैं कि जब तक कुछ बाहरी बदलाव या अल नीनो जैसी स्थिति नहीं आती है तब तक हालात में कोई बदलावनही होने वाला है।
रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने जून में हुई मॉनिटरिंग पॉलिसी की बैठक में रेपो रेट में कोई परिवर्तन नही किया है रिज़र्व बैंक ने रेपो रेट को 6.5 प्रतिसत पे ही अप्र्वर्तित रखा है। HDFC के रिसर्च अधिकारी का अनुमान है की RBI 2024 से पहले किसी तरह से रेपो रेट में कटौती नही करेगा।
इस वजह से कम हुई महंगाई।
खाने-पीने के वस्तु की कीमत में गिरावट की वजह से भरत की खुदरा दर में कमी देखने को मिला है MAY के रुझान से भी यही पता चला है की अभी और गिरावट आ सकता है। और आगे कुछ महीने तक्म्याह जरी रहेगा।
RBI ने मंगाई पर कम किया था अपना अनुमान।
RBI ने साल २०२४ के लिए महंगाई के अनुमान को 5.1 फीसदी लगया था वही बाहरी मांग में कमी और अनिश्च्त्ताता स्तिथि बनी रही वही जीडीपी वृद्धि को 6.5 प्रतिसत तक ले जैगी।
सभी देशो में बनी हुई है महंगाई की स्तिथि।
सभी देशो में महंगाई नीचे ओर गई है हलाकि अभी भी ये निम्न से उपर बनी हुई है जिससे RBI को रेपो रेट में कटौती में अभी मुस्किल है।

