- बैंक अकाउंट से फ्राॅड कर निकाले गए रुपये गाइडलाइन का पालन करने पर पाए जा सकते हैं वापस
- साइबर ठगी या ऑनलाइन बैंकिंग फ्राॅड के मामले में शिकायत करने में देरी से होगा नुकसान
- जितनी जल्दी हो सके अपने बैंक में ऑनलाइन फ्राॅड या बैंकिंग फ्राॅड की करें शिकायत
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने ट्वीट (RBI Tweet) किया है कि
“यदि अनाधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन से आपका नुक़सान हुआ हो, तो आपकी देयता सीमित हो सकती है, बल्कि शून्य भी हो सकती है, अगर आप अपने बैंक को तुरन्त सूचित करते हैं।”
@RBI कहता है
यदि अनाधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन से आपका नुक़सान हुआ हो, तो आपकी देयता सीमित हो सकती है, बल्कि शून्य भी हो सकती है, अगर आप अपने बैंक को तुरन्त सूचित करते हैं।
https://m.rbi.org.in/commonperson/English/scripts/Limitedliability.aspx…

अगर कोई धोखाधडी से आपके खाते से ट्रांजेक्शन करता है या कोई ट्रांजेक्शन गैर कानूनी तरीके से हुआ हो , गलत तरीके से अकाउंट से रकम निकाली गई है तो अपने बैंक को 24 घंटे के अंदर इसके बारे में सूचित कर शिकायत करें। ऐसा करने से नुकसान से बच सकते हैं। आरबीआई के मुताबिक निर्धारित समय में बैंक को सूचना दे देने पर ग्राहक के खाते से फ्राॅड कर निकाली गई रकम 10 दिन में बैंक खाते में वापस आ सकती है। हालांकि आरबीआई के मुताबिक 4 से 7 दिन बाद रिपोर्ट करने पर ग्राहक को 25 हजार रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ऑनलाइन साइबर क्राइम को भी सूचित करना चाहिए , उसके प्रोसेस को जानने के लिए नेक्स्ट ब्लॉग को पढ़ें |
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