प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में धनतेरस के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी और इस साल की दीवाली को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, यह दीवाली इसलिए खास होगी क्योंकि अयोध्या में रामलला के आगमन के बाद यह पहली बार मनाई जा रही है। 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद, जब भगवान राम का भव्य मंदिर स्थापित हुआ है, तब इस दीवाली का उत्सव देशभर में उमंग और उत्साह के साथ मनाया जाएगा।
धनतेरस, जिसे धन त्रयोदशी भी कहा जाता है, विशेष रूप से धन और समृद्धि की देवी धन्वंतरि की पूजा के लिए मनाया जाता है। इस दिन लोग नए बर्तन खरीदते हैं और सोने-चांदी के आभूषणों की खरीदारी करते हैं। पीएम मोदी ने इस दिन को महत्व देते हुए कहा कि यह केवल भौतिक संपत्ति का प्रतीक नहीं है, बल्कि हमारे जीवन में समृद्धि और खुशियों की भी प्रतीक है। उन्होंने इस अवसर पर देशवासियों से आग्रह किया कि वे अपने घरों को रोशन करें और परिवार के साथ इस खुशी को साझा करें।
प्रधानमंत्री ने अयोध्या में रामलला के आगमन के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस साल दीवाली का पर्व केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह एक ऐतिहासिक पल है। 500 वर्षों के संघर्ष के बाद रामलला का अयोध्या में विराजमान होना न केवल राम भक्तों के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। यह घटना भारतीय संस्कृति की गहरी जड़ों और भक्ति भाव को दर्शाती है।
मोदी ने यह भी कहा कि इस दीवाली, हम सबको मिलकर भगवान राम के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लेना चाहिए। राम का जीवन सत्य, धर्म, और निस्वार्थता का प्रतीक है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि हम सब अपने जीवन में राम के गुणों को आत्मसात करें और समाज में प्रेम, शांति और सद्भाव को फैलाने का प्रयास करें।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर यह भी कहा कि इस दीवाली के दौरान, हम सभी को एक नई शुरुआत करनी चाहिए। उन्होंने यह संकेत दिया कि आने वाला साल हमारे लिए नई संभावनाओं और अवसरों से भरा हो सकता है। इसलिए, हमें सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ना चाहिए और अपने सपनों को साकार करने के लिए मेहनत करनी चाहिए।
इस विशेष दीवाली पर, अयोध्या में होने वाले समारोहों के लिए तैयारियाँ जोरों पर हैं। लाखों दीपों की रोशनी में अयोध्या के घाटों का नजारा अद्भुत होगा। राम मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जो इस पर्व को और भी भव्य बनाएगा।
अंत में, पीएम मोदी की धनतेरस पर दी गई बधाई और अयोध्या में रामलला के आगमन के महत्व ने इस दीवाली को एक नई पहचान दी है। यह अवसर न केवल एक त्योहार है, बल्कि यह हमारे लिए अपने सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करने का भी समय है। देशवासियों को एक साथ मिलकर इस पावन अवसर का जश्न मनाना चाहिए, ताकि हम सभी एक नई उम्मीद और उत्साह के साथ आगे बढ़ सकें।