उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (UPPSC) द्वारा आयोजित होने वाली आरओ (रिवीजनल ऑफिसर) और एआरओ (एसेसिस्टेंट रिवीजनल ऑफिसर) परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में गहरा रोष देखने को मिल रहा है। छात्रों का कहना है कि यह परीक्षा कई शिफ्ट्स में आयोजित की जा रही है, जबकि इसे एक शिफ्ट में आयोजित किया जाना चाहिए था। इस मुद्दे पर छात्रों ने दिल्ली से लेकर प्रयागराज तक विरोध प्रदर्शन किया है, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया। उनका कहना है कि एक शिफ्ट में परीक्षा आयोजित करने से न केवल प्रतियोगिता समान होती, बल्कि यह शेड्यूलिंग की समस्याओं को भी समाप्त करता।
क्या है छात्रों की मांग?
UPPSC RO और ARO परीक्षा का आयोजन इस वर्ष कई शिफ्ट्स में किया जा रहा है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा के इस रूप में बहुत सी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। पहली बात, जो छात्र एक ही शिफ्ट में परीक्षा देने के लिए उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं, उन्हें असमान अवसर मिल रहे हैं। कई छात्र शिफ्ट के समय और तिथि के कारण अपनी तैयारी में प्रभावी नहीं हो पा रहे हैं। छात्र यह भी कहते हैं कि यदि परीक्षा एक शिफ्ट में आयोजित होती, तो परीक्षा का स्तर समान होता और किसी भी छात्र को अतिरिक्त दबाव का सामना नहीं करना पड़ता।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया है कि इस परीक्षा के लिए समय बहुत सीमित है, और जब परीक्षा को कई शिफ्ट्स में बांट दिया जाता है, तो इस कारण से हर शिफ्ट में प्रश्नों के स्तर में भिन्नता होती है, जो उनके लिए अनुचित है। उन्होंने यह भी कहा कि एक शिफ्ट में परीक्षा होने पर न केवल उनके मानसिक तनाव में कमी आएगी, बल्कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि हर उम्मीदवार को समान अवसर मिले।
प्रदर्शन और विरोध
छात्रों ने इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली और प्रयागराज सहित कई अन्य शहरों में छात्रों ने सड़कों पर उतरकर UPPSC द्वारा परीक्षा के शेड्यूल को एक शिफ्ट में आयोजित करने की मांग की। छात्रों का कहना था कि अगर परीक्षा को एक ही शिफ्ट में लिया जाएगा, तो इसका प्रभावी आयोजन सुनिश्चित होगा और किसी भी छात्र के लिए कोई असमानता नहीं होगी। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि इस स्थिति में एक तरफ़ा निर्णय लेने से उन्हें मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि वे अपनी तैयारी में पूरी तरह से ध्यान नहीं दे पा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि कई छात्र ऐसे हैं जो यात्रा के कारण परीक्षा केंद्रों पर समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनका पूरा साल बर्बाद हो सकता है। इसके अलावा, छात्रों का यह भी कहना है कि कई शिफ्ट्स में होने वाली परीक्षा का स्तर भी भिन्न हो सकता है, जो उनके लिए एक बड़ा मुद्दा है।
UPPSC का रुख और प्रतिक्रिया
इस प्रदर्शन के बाद UPPSC ने छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया और यह स्पष्ट किया कि परीक्षा को निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही कराया जाएगा। आयोग ने कहा कि परीक्षा को कई शिफ्ट्स में आयोजित करने का निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि अधिक से अधिक उम्मीदवारों को अवसर मिल सके और परीक्षा का आयोजन सुचारु रूप से हो सके। हालांकि, आयोग ने यह भी वादा किया कि वे छात्रों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जल्द ही किसी समाधान पर पहुंचने की कोशिश करेंगे।
निष्कर्ष
UPPSC RO ARO परीक्षा को लेकर छात्रों का विरोध निरंतर बढ़ता जा रहा है, और उनका यह मानना है कि एक शिफ्ट में परीक्षा आयोजित होने से सबके लिए समान अवसर उपलब्ध होंगे। इसके अलावा, यह छात्रों के लिए मानसिक तनाव को कम करेगा और उनकी तैयारी को भी बेहतर बनाएगा। हालांकि UPPSC ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है, लेकिन छात्रों का आंदोलन जारी है और वे इस मांग को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि आयोग छात्रों की इस मांग पर क्या कदम उठाता है और परीक्षा की व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाते हैं।

