दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को केंद्र सरकार का संरक्षण मिल रहा है। केजरीवाल ने यह आरोप तब लगाया जब बिश्नोई का नाम कई हाई-प्रोफाइल अपराधों से जुड़ा और वह लगातार खबरों में बना रहा। केजरीवाल का आरोप है कि सरकार जानबूझकर बिश्नोई को अपराध करने की स्वतंत्रता दे रही है, और इस मामले में संलिप्त उच्च अधिकारियों और संस्थाओं पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
लॉरेंस बिश्नोई, जो कि एक नामी गैंगस्टर और आपराधिक दुनिया का हिस्सा है, पर कई गंभीर आरोप हैं, जिनमें हत्या, अपहरण और जबरन वसूली जैसे अपराध शामिल हैं। वह अपने गैंग के माध्यम से देशभर में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता रहा है। हाल ही में, बिश्नोई का नाम पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भी सामने आया था, जिसने पूरे देश को चौंका दिया था। बिश्नोई की गतिविधियों और उसके गैंग के अपराधों के चलते, वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नजरों में आ चुका है।
केजरीवाल ने यह आरोप भी लगाया कि जबसे बिश्नोई का नाम बड़े मामलों में सामने आया है, तब से केंद्र सरकार की ओर से इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार या तो इस मामले में ढिलाई बरत रही है या फिर जानबूझकर बिश्नोई को संरक्षित किया जा रहा है। केजरीवाल का यह आरोप राजनीति से प्रेरित होने का आरोप भी नहीं है, क्योंकि वह इसे सीधे तौर पर केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली और सुरक्षा एजेंसियों की लापरवाही से जोड़ते हैं।
केजरीवाल ने यह भी कहा कि अगर सरकार चाहती, तो वह बिश्नोई जैसे गैंगस्टरों पर कड़ी कार्रवाई कर सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। उनका यह आरोप विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस समय देश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता महसूस की जा रही है। केजरीवाल ने यह भी कहा कि बिश्नोई जैसे लोग अगर सरकारी संरक्षण प्राप्त कर सकते हैं, तो यह एक गंभीर स्थिति है और यह लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाता है।
इस आरोप के बाद, विपक्षी दलों ने भी केंद्र सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है। विपक्ष का कहना है कि यदि केंद्र सरकार सच में कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर है, तो उसे इस मामले में त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए और बिश्नोई जैसे अपराधियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने चाहिए।
हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इस आरोप पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह मामला राजनीतिक और सामाजिक रूप से काफी संवेदनशील बन चुका है। अब देखने वाली बात यह होगी कि केंद्र सरकार इस आरोप पर क्या कदम उठाती है और क्या बिश्नोई जैसे गैंगस्टरों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की जाएगी।

