राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराया, प्रधानमंत्री और राजनाथ सिंह ने किया स्वागत
भारत का 76वां गणतंत्र दिवस एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में याद किया जाएगा, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराया। यह दिन देश की संप्रभुता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की एकता का प्रतीक बनकर सामने आया। राष्ट्रपति मुर्मू के तिरंगा फहराने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनका स्वागत किया, जिससे यह अवसर और भी महत्वपूर्ण बन गया।
कर्तव्य पथ पर ऐतिहासिक क्षण
गणतंत्र दिवस पर हर साल राजधानी दिल्ली में भव्य परेड का आयोजन होता है, लेकिन इस साल का आयोजन विशेष था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरंगा फहराते हुए राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाया। उनका यह कदम भारतीय लोकतंत्र की ताकत और एकता का प्रतीक था। कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराने के बाद, राष्ट्रपति मुर्मू ने उपस्थित नागरिकों और सेना के जवानों को संबोधित करते हुए गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और सभी को राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और प्रेम दिखाने की अपील की।
प्रधानमंत्री मोदी और राजनाथ सिंह का स्वागत
राष्ट्रपति मुर्मू के तिरंगा फहराने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनका स्वागत किया। यह पल न केवल गणतंत्र दिवस का गर्वमयी क्षण था, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की साझी भावना को भी प्रकट करता था। प्रधानमंत्री मोदी और राजनाथ सिंह का राष्ट्रपति मुर्मू के स्वागत के दौरान मौजूद होना यह साबित करता है कि देश के सबसे बड़े पदों पर आसीन नेता एक साथ मिलकर भारत की एकता और अखंडता के प्रतीक बने हुए हैं। उनका यह स्वागत भारतीय राजनीति में सामूहिक नेतृत्व की भावना का प्रतिनिधित्व करता है।
गणतंत्र दिवस की परेड
गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड ने भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों की बहादुरी और समर्पण का अद्वितीय प्रदर्शन किया। परेड में विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झांकियां भी शामिल थीं, जो भारत की विविधता और समृद्ध संस्कृति को दर्शाती थीं। इस वर्ष की परेड में भारत की प्रगति, सुरक्षा और सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत मिश्रण था। भारतीय सेना की टुकड़ियां, महिला सैनिकों की टुकड़ी, और अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन सबने दर्शकों को गर्व से भर दिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का नेतृत्व
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह कार्यभार संभालना भारतीय राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। वह भारत की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति हैं, और उनका राष्ट्रपति पद पर आसीन होना भारतीय लोकतंत्र की विविधता का प्रतीक है। उनके नेतृत्व में भारत ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं और उनका यह गणतंत्र दिवस परेड में भागीदारी करना भारतीय जनता के लिए गर्व का विषय बन गया।
निष्कर्ष
गणतंत्र दिवस के इस ऐतिहासिक अवसर ने भारत के लोकतांत्रिक मूल्य और एकता को प्रगट किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराना, और प्रधानमंत्री मोदी और राजनाथ सिंह द्वारा उनका स्वागत करना, भारतीय राजनीति की गरिमा और एकजुटता का प्रतीक बन गया। यह दिन भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

