‘फालतू है कुंभ’: लालू यादव के बयान से विवाद गहराया, शंकराचार्य बोले – ‘भगवान ऐसे लोगों को सद्बुद्धि दें’

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‘फालतू है कुंभ’: लालू यादव के बयान से विवाद गहराया, शंकराचार्य बोले – ‘भगवान ऐसे लोगों को सद्बुद्धि दें’

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। इस बार उन्होंने कुंभ मेले को लेकर एक विवादित बयान दिया, जिसमें उन्होंने इसे “फालतू” बताया। लालू यादव के इस बयान के बाद हिंदू संत समाज और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। विशेष रूप से शंकराचार्य ने इस टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताया और कहा, “भगवान ऐसे लोगों को सद्बुद्धि दें।”

क्या कहा लालू यादव ने?

लालू यादव ने हाल ही में एक जनसभा के दौरान कुंभ मेले को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा,
“कुंभ में जाने से क्या फायदा? लोग वहां जाकर नहाते हैं और सोचते हैं कि उनके सारे पाप धुल जाएंगे। यह सब फालतू है।”

उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भारी बवाल मच गया और संत समाज समेत कई हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया।

शंकराचार्य की कड़ी प्रतिक्रिया

शंकराचार्य ने लालू यादव की इस टिप्पणी को आस्था पर चोट बताया और कहा,
“कुंभ मेला सनातन धर्म की सबसे पवित्र परंपराओं में से एक है। यह न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है। जो लोग इसे ‘फालतू’ कहते हैं, उन्हें सनातन धर्म और इसकी परंपराओं की गहरी समझ नहीं है। भगवान उन्हें सद्बुद्धि दें।”

उन्होंने यह भी कहा कि कुंभ मेला केवल स्नान का आयोजन नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने का अवसर होता है, जहां देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु शामिल होते हैं।

राजनीतिक हलकों में भी बवाल

लालू यादव के इस बयान पर कई राजनीतिक दलों ने नाराजगी जताई। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं ने इसे हिंदू धर्म का अपमान बताया। बीजेपी प्रवक्ता ने कहा,
“लालू यादव का बयान उनकी संकीर्ण सोच को दर्शाता है। कुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इस पर सवाल उठाना निंदनीय है।”

वहीं, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है, जबकि राजद ने इसे लालू यादव की व्यक्तिगत राय बताते हुए बयान से किनारा कर लिया।

संत समाज का आह्वान

कई साधु-संतों ने लालू यादव के बयान की निंदा करते हुए उनसे माफी की मांग की है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के एक संत ने कहा,
“यदि किसी को धर्म और परंपराओं की समझ नहीं है, तो उन्हें इस पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। यह करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं का अपमान है।”

कुछ संतों ने लालू यादव को कुंभ मेले में आने और इसकी महिमा को स्वयं अनुभव करने का निमंत्रण भी दिया।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

लालू यादव के इस बयान के बाद #BoycottLaluYadav और #KumbhMela जैसे हैशटैग सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे। कई यूजर्स ने लालू यादव की आलोचना करते हुए उन्हें भारतीय संस्कृति का सम्मान करने की सलाह दी।

निष्कर्ष

लालू यादव के “फालतू है कुंभ” वाले बयान ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। जहां संत समाज और हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया, वहीं राजनीतिक दलों ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। यह मामला आस्था से जुड़ा होने के कारण इसे हल्के में लेना मुश्किल है। अब यह देखना होगा कि लालू यादव इस पर कोई सफाई देते हैं या फिर विवाद और गहराता है।


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