जन सुराज पदयात्रा: प्रशांत किशोर ने अपने भाषण में कहा—‘आपके घर की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की जिम्मेदारी मेरी है
जन सुराज पदयात्रा के दौरान, प्रशांत किशोर ने भोजपुर जिले के मसाढ़ हाई स्कूल मैदान में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण घोषणा की। अपने प्रभावशाली भाषण में किशोर ने कहा, “आपके घर की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की जिम्मेदारी मेरी है।” यह वाक्य न केवल उनके भाषण का केंद्रीय विषय था, बल्कि यह उनकी नीतियों और दृष्टिकोण का स्पष्ट संकेत भी था।
प्रशांत किशोर ने अपने भाषण में इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं का सशक्तिकरण और उनकी आर्थिक स्वतंत्रता उनके विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि समाज का कोई भी भीतरी बदलाव तब तक पूरा नहीं हो सकता जब तक महिलाएं आत्मनिर्भर और सशक्त न हों। किशोर ने यह भी उल्लेख किया कि बेटियों को उनके सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर प्रदान किए जाने चाहिए।
किशोर ने बताया कि उनकी योजना में महिलाओं के लिए विशेष कार्यक्रम शामिल हैं, जो शिक्षा, कौशल विकास, और रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें न केवल शिक्षा की आवश्यकता है, बल्कि उनके कौशल को विकसित करने और उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण देने की भी आवश्यकता है। यह न केवल उनके व्यक्तिगत विकास को सुनिश्चित करेगा, बल्कि पूरे समाज की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को भी सुधारने में मदद करेगा।
भाषण में किशोर ने स्थानीय समस्याओं और उनकी प्राथमिकताओं पर भी चर्चा की और महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को भी प्रेरित किया कि वे महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाएं और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करें।
प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि आत्मनिर्भरता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक सामाजिक परिवर्तन का संकेत है। उनके अनुसार, जब महिलाएं स्वतंत्र और सशक्त होती हैं, तो वे अपने परिवारों और समुदायों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता इस बात को सुनिश्चित करना है कि हर बेटी को उसके हक और अवसर मिलें, ताकि वह अपने सपनों को साकार कर सके और समाज में सकारात्मक बदलाव ला सके।
इस प्रकार, जन सुराज पदयात्रा के दौरान प्रशांत किशोर ने अपने भाषण के माध्यम से यह संदेश दिया कि महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता उनके अभियान की धुरी है। यह बयान न केवल उनके समर्पण को दर्शाता है, बल्कि यह उनकी योजनाओं और दृष्टिकोण को भी स्पष्ट करता है। इस दृष्टिकोण से उनकी पदयात्रा ने स्थानीय महिलाओं में आशा और आत्मविश्वास का संचार किया और भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत प्रदान किया।

