पटना: पटना शहर में मेट्रो सेवा की सफलता के बाद अब बिहार के अन्य प्रमुख शहरों गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर में भी मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारी जोरों पर है। गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट की इस बैठक के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने मीडिया को जानकारी दी कि इन शहरों में मेट्रो सेवा शुरू करने के लिए अब पहले फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाई जाएगी, जो इस योजना के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से बताएगी।
फिजिबिलिटी रिपोर्ट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इन शहरों में मेट्रो सेवा आर्थिक और तकनीकी दृष्टिकोण से व्यवहार्य है या नहीं। इसमें क्षेत्र की जनसंख्या, यातायात घनत्व, संभावित मार्गों, और यात्रियों की संख्या का विश्लेषण किया जाएगा। इस रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्यवाही होगी।
राज्य सरकार के इस निर्णय से इन शहरों के निवासियों में उत्साह का माहौल है। मेट्रो सेवा के शुरू होने से लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी, जिससे उनका समय बचेगा और यात्रा की गुणवत्ता में सुधार होगा। इसके अलावा, मेट्रो सेवा पर्यावरण के अनुकूल भी होती है, जिससे शहरों में प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक के बाद कहा, “हमारा लक्ष्य है कि बिहार के सभी प्रमुख शहरों को बेहतर यातायात सुविधाएं मिलें। पटना में मेट्रो सेवा की सफलता ने हमें इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। अब हम चाहते हैं कि गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर के लोग भी इस सुविधा का लाभ उठा सकें।”
सरकार के इस कदम से स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मेट्रो सेवा के आने से इन शहरों में निवेशकों की रुचि बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विशेष रूप से, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रसिद्ध गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर जैसे शहरों में मेट्रो सेवा से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
फिजिबिलिटी रिपोर्ट और डीपीआर के पूरा होते ही सरकार मेट्रो परियोजना के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करेगी। इसमें विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे, ताकि इस परियोजना को उच्च गुणवत्ता और समय पर पूरा किया जा सके।
राज्य मंत्रिमंडल के इस निर्णय से स्पष्ट है कि बिहार सरकार अपने शहरों के विकास और नागरिकों की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है। मेट्रो सेवा की योजना से न केवल यातायात की समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि यह शहरों के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अब सभी की नजरें फिजिबिलिटी रिपोर्ट और डीपीआर पर हैं, जो इस परियोजना की नींव रखने का काम करेंगी।

