डोडा जिले में हाल ही में हुए एक मुठभेड़ में शहीद हुए कैप्टन ब्रिजेश थापा को दार्जिलिंग में पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। कैप्टन थापा की शहादत ने देश को एक बार फिर से अपनी सुरक्षा बलों की बहादुरी और बलिदान की याद दिलाई है। उनकी अंतिम यात्रा में शोक और गर्व का मिला-जुला माहौल था, जो उनके जीवन की बहादुरी और सेवा के प्रति गहरी श्रद्धांजलि था।
कैप्टन ब्रिजेश थापा भारतीय सेना के उन वीर जवानों में से थे जिन्होंने जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में आतंकवादियों के खिलाफ बहादुरी से लड़ाई लड़ी। इस मुठभेड़ के दौरान उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना अपनी ड्यूटी को अंजाम दिया और देश की सुरक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी इस शहादत से सेना और उनके परिवार के साथ-साथ पूरे देश में गहरा शोक व्याप्त है।
दार्जिलिंग में आयोजित अंतिम संस्कार समारोह में सेना के उच्च अधिकारियों, स्थानीय नेताओं, और आम नागरिकों ने कैप्टन थापा को श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में एक भावुक माहौल था, जिसमें सभी ने शहीद के साहस और बलिदान को याद किया। उनके परिवार ने भी देशवासियों और सेना के अधिकारियों का धन्यवाद अदा किया, जिन्होंने इस कठिन घड़ी में उन्हें समर्थन और सांत्वना दी।
कैप्टन थापा के जीवन और उनकी शहादत ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे देश को गर्वित किया है। उनके साहसिक कार्य और कर्तव्यनिष्ठा को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए, सरकार और सेना ने उनके प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें अंतिम सम्मान प्रदान किया।
दार्जिलिंग में उनकी अंतिम विदाई के अवसर पर, उनके साथी सैनिकों और नागरिकों ने मिलकर उनके बलिदान को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। यह समारोह एक सच्ची श्रद्धांजलि थी उनके समर्पण और देश की सेवा के प्रति उनके अनमोल योगदान की।
कैप्टन ब्रिजेश थापा की शहादत ने हमें याद दिलाया है कि हमारी सुरक्षा बलें किस तरह से देश की रक्षा में अपनी जान की बाजी लगा देती हैं। उनके बलिदान और साहस को हमेशा याद रखा जाएगा, और उनके परिवार को इस कठिन समय में हमारी पूरी संवेदना और समर्थन प्राप्त है।

