दिल्ली-एनसीआर में कोहरे और धुंध का असर: वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण विजिबिलिटी में गिरावट, ठंड भी बढ़ी

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दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्र, यानी दिल्ली-एनसीआर, इन दिनों घने कोहरे और धुंध का सामना कर रहे हैं, जो स्थानीय जीवन को प्रभावित कर रहा है। बुधवार की सुबह से ही दिल्ली के कई इलाकों में कोहरा छाया हुआ था, जिससे विजिबिलिटी में भारी गिरावट देखने को मिली। खासतौर पर सुबह और शाम के समय वाहनों के चलने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही ठंड भी बढ़ गई है, जिससे लोग सर्दी से बचने के लिए ऊनी कपड़े पहनने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, यह हालात वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण बने हैं, जो हवा की दिशा और मौसम को प्रभावित कर रहा है।

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक मौसमीय घटना है, जो हिमालय क्षेत्र में सक्रिय होती है। यह पश्चिमी हवाओं के एक पैटर्न से जुड़ी होती है, जो आमतौर पर पश्चिम से पूर्व की दिशा में बहती हैं। इस बार, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण हवा की दिशा में बदलाव आया है, जिससे पाकिस्तान और पंजाब के ऊपर जमा प्रदूषण दिल्ली की ओर बढ़ने लगा है। यह प्रदूषण, धुआं और धूल का मिश्रण, जब वातावरण में नमी और ठंड के साथ मिल जाता है, तो कोहरे का रूप ले लेता है। इसके परिणामस्वरूप, दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्रों में धुंध का असर बढ़ गया है, जो दिनभर की गतिविधियों में रुकावट डाल रहा है।

विजिबिलिटी में कमी और ठंड का असर

दिल्ली में इस समय विजिबिलिटी 400 मीटर तक घट चुकी है, खासकर सफदरजंग जैसे शहरी इलाकों में। सुबह के वक्त, घना कोहरा और धुंध के कारण सड़कें और सड़क किनारे के इलाके एकदम धुंधले से नजर आ रहे हैं। इससे न केवल सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित हो रहा है। फ्लाइट्स और ट्रेनों की समय-समय पर देरी हो रही है, क्योंकि कोहरे के कारण पायलट्स और ड्राइवरों को दृश्यता में कमी हो रही है। इसके अलावा, तापमान में गिरावट के कारण ठंड भी बढ़ी है। दिल्ली और एनसीआर के लोग इस समय गर्म कपड़े पहनकर बाहर निकलने को मजबूर हैं, क्योंकि ठंडी हवाओं के साथ शीतलता महसूस हो रही है।

धुंध और कोहरे की स्थिति

धुंध का यह असर ना केवल दिल्ली, बल्कि आसपास के इलाकों में भी महसूस किया जा रहा है। पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में भी धुंध का दृश्य देखा जा रहा है। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि दोपहर तक कोहरा हल्का हो सकता है और दृश्यता में सुधार हो सकता है। यह बदलाव शहरी ऊष्मा द्वीप (Urban Heat Island Effect) और निम्न स्तर की सतही हवा के कारण हो सकता है, जो कोहरे को खत्म करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, दिल्ली में कोहरे का असर शाम या रात के समय फिर से बढ़ सकता है, क्योंकि तापमान में गिरावट होगी और हवा की गति धीमी हो जाएगी, जिससे कोहरा फिर से घना हो सकता है।

प्रदूषण का असर

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के साथ-साथ दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति भी चिंताजनक है। हवा में मौजूद धूल और प्रदूषण के कण कोहरे में घुलकर और भी खतरनाक हो जाते हैं। इन सूक्ष्म प्रदूषण कणों के कारण लोगों को सांस लेने में समस्या हो सकती है, खासकर अस्थमा या सांस से जुड़ी समस्याओं वाले व्यक्तियों के लिए। दिल्ली सरकार और पर्यावरणीय संस्थाएं इस समय नागरिकों को मास्क पहनने और बाहर कम समय बिताने की सलाह दे रही हैं।

निष्कर्ष

दिल्ली और एनसीआर में वर्तमान समय में कोहरे और धुंध की स्थिति वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण और प्रदूषण के बढ़ते स्तर के चलते बिगड़ चुकी है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर के बाद कोहरा कुछ हद तक हल्का हो सकता है, लेकिन प्रदूषण और ठंड का असर जारी रहेगा। इसके लिए जरूरी है कि नागरिक अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें, खासकर सड़क पर चलते वक्त, और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें।


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