भारत में एआई और डेटा सेंटर क्रांति: TCS का बड़ा कदम
नई दिल्ली, फरवरी 2026 — आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मांग भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रही है। टेक्नोलॉजी कंपनियाँ एआई को अपना रही हैं और इसका उपयोग बिजनेस से लेकर सरकारी कामकाज तक हर क्षेत्र में बढ़ता जा रहा है। इसी परिप्रेक्ष्य में राजधानी दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन किया गया है, जिसमें देश-विदेश की कई टेक्नोलॉजी कंपनियाँ हिस्सा ले रही हैं।
इस समिट में सबसे बड़ी घोषणा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने की है। कंपनी भारत में दुनिया का सबसे बड़ा डेटा सेंटर बनाने की योजना लेकर आई है। इस परियोजना का उद्देश्य भारत और वैश्विक स्तर पर डिजिटल ग्रोथ के अगले चरण को शक्ति प्रदान करना है।
भारत तेजी से एक बड़े डेटा सेंटर हब के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में देश की डेटा सेंटर क्षमता लगभग 1.5 गीगावॉट है, और अनुमान है कि 2030 तक यह क्षमता 10 गीगावॉट से अधिक हो जाएगी। 2019 से अब तक भारत के डेटा सेंटर सेक्टर में लगभग 94 बिलियन डॉलर का निवेश हो चुका है। यह निवेश बढ़ती तकनीकी अपनाने, क्लाउड विस्तार और एआई वर्कलोड की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
TCS अपने नए प्रोजेक्ट हाइपरवॉल्ट के माध्यम से इस मांग को पूरा करने की योजना बना रही है। हाइपरवॉल्ट एक सुरक्षित और बड़े पैमाने पर एआई-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर होगा, जिसे खासतौर पर हाइपरस्केलर्स और एआई-ड्रिवन एंटरप्राइज के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें लिक्विड कूलिंग सिस्टम, हाई रैक डेंसिटी, और एनर्जी-एफिशिएंट आर्किटेक्चर जैसी अत्याधुनिक तकनीकें शामिल होंगी। यह डेटा सेंटर बड़े क्लाउड रीजन से मजबूत नेटवर्क कनेक्टिविटी के साथ लैस होगा, जिससे बिना रुकावट डेटा फ्लो और कम-लेटेंसी परफॉर्मेंस सुनिश्चित होगा।
कंपनी का कहना है कि वह केवल सुविधाएँ बनाने पर ध्यान नहीं दे रही, बल्कि बड़े पैमाने पर भरोसेमंद, सुरक्षित और विश्वस्तरीय एआई सेवाएँ देने पर केंद्रित है। TCS हाइपरस्केलर और एआई कंपनियों के साथ मिलकर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को डिजाइन, डिप्लॉय और ऑप्टिमाइज करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत को वैश्विक एआई ट्रांसफॉर्मेशन में अग्रणी बनाएगी और देश को डिजिटल ग्रोथ के अगले चरण में ले जाएगी। एआई इम्पैक्ट समिट 2026 इस दिशा में भारत की महत्वाकांक्षा और क्षमता को प्रदर्शित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहा है।

