AI Impact Summit 2026: सुंदर पिचाई ने मोदी से मुलाकात कर AIIMS साझेदारी की घोषणा
नई दिल्ली, 18 फरवरी 2026 — राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित AI Impact Summit 2026 में गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत कई तकनीकी मुद्दों पर चर्चा की। समिट से पहले पिचाई ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि गूगल ने AIIMS (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) के साथ साझेदारी की है।
मरीजों और डॉक्टरों के लिए नई पहल
इस साझेदारी का उद्देश्य मरीजों और डॉक्टरों को बेहतर तकनीकी सहायता प्रदान करना है। गूगल की AI तकनीक के इस्तेमाल से मरीजों के इलाज की प्रक्रिया तेज और अधिक सटीक होगी। डॉक्टरों को भी रोग पहचान और उपचार योजनाओं में मदद मिलेगी। अनुमान है कि इससे AIIMS में इलाज कराने वाले लाखों मरीजों और वहां काम करने वाले हजारों डॉक्टरों को सीधा लाभ मिलेगा।
मोदी-पिचाई मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सुंदर पिचाई की मुलाकात में भारत में डिजिटल नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदार उपयोग और तकनीकी सहयोग पर चर्चा हुई। मोदी ने भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल इकोसिस्टम और युवाओं की प्रतिभा पर जोर दिया, वहीं पिचाई ने भारत को वैश्विक AI नेतृत्व में एक अहम भागीदार बताया।
AI Summit में गूगल की घोषणाएँ
AI Impact Summit के दौरान गूगल ने कई नई पहलें पेश कीं। इनमें स्वास्थ्य क्षेत्र में AI के उपयोग को बढ़ावा देने वाली परियोजनाएँ प्रमुख रहीं। पिचाई ने कहा कि “AI केवल तकनीक नहीं है, यह जीवन की गुणवत्ता सुधारने का साधन है।” उन्होंने बताया कि गूगल भारत में शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रहा है।
रोजगार और नवाचार को बढ़ावा
AIIMS साझेदारी के साथ-साथ गूगल की योजनाएँ भारत में रोजगार और नवाचार को भी बढ़ावा देंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से मेडिकल रिसर्च को नई दिशा मिलेगी और भारत वैश्विक स्वास्थ्य तकनीक में अग्रणी भूमिका निभा सकेगा।
भारत की भूमिका
भारत पहले से ही डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार की नीतियाँ और निजी क्षेत्र का निवेश मिलकर देश को तकनीकी महाशक्ति बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। गूगल की यह साझेदारी इस प्रयास को और मजबूत करेगी।
निष्कर्ष
AI Impact Summit 2026 में सुंदर पिचाई की घोषणाएँ भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण साबित हुईं। प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी मुलाकात ने भारत-अमेरिका तकनीकी सहयोग को नई दिशा दी। AIIMS साझेदारी से स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव की उम्मीद है। यह पहल न केवल मरीजों और डॉक्टरों के लिए लाभकारी होगी बल्कि भारत को वैश्विक AI मानचित्र पर और भी मजबूत स्थान दिलाएगी।

