नरेंद्र मोदी बने भारत के दूसरे सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री, इंदिरा गांधी का 4077 दिन का रिकॉर्ड टूटा
भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रचा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम कर ली है। वह अब देश के दूसरे सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहने वाले नेता बन गए हैं। उन्होंने देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के 4077 दिनों के कार्यकाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। 26 जुलाई 2025 को नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद पर अपने 4078 दिन पूरे कर लिए हैं।
इंदिरा गांधी ने 24 जनवरी 1966 से लेकर 24 मार्च 1977 तक लगातार प्रधानमंत्री पद पर कार्य किया था, जो कि कुल 4077 दिन बनते हैं। इस दौरान उन्होंने देश को कई महत्वपूर्ण मोड़ों से गुजारा, लेकिन अब नरेंद्र मोदी ने उनसे एक दिन अधिक कार्य करते हुए यह रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 2019 में दोबारा जीतकर उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत की। उनके नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने दो बार पूर्ण बहुमत प्राप्त किया, जो अपने आप में एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि मानी जाती है। मोदी के नेतृत्व में सरकार ने कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिनमें अनुच्छेद 370 की समाप्ति, तीन तलाक पर प्रतिबंध, GST लागू करना, और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाएं प्रमुख हैं।
इस उपलब्धि के साथ मोदी अब जवाहरलाल नेहरू के बाद सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने वाले नेता बन गए हैं। पंडित नेहरू ने 1947 से 1964 तक प्रधानमंत्री के रूप में लगातार सेवा की थी और उनका कार्यकाल 6,130 दिन (लगभग 17 वर्ष) लंबा रहा था। नरेंद्र मोदी यदि 2029 तक अपने पद पर बने रहते हैं, तो वे नेहरू का रिकॉर्ड भी तोड़ सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मोदी का यह लंबा कार्यकाल उनकी लोकप्रियता, राजनीतिक सूझबूझ और संगठनात्मक ताकत का परिणाम है। उन्होंने देश के जनमानस को सीधे जोड़ने वाली नीतियों पर काम किया और वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को मजबूती से प्रस्तुत किया।
हालांकि, आलोचक यह भी कहते हैं कि इस लंबे कार्यकाल के दौरान कई विवादास्पद निर्णय और नीतिगत चुनौतियां भी सामने आईं, जैसे कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन, महंगाई, बेरोजगारी और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ी चिंताएं। फिर भी, मोदी के समर्थकों का कहना है कि उनका नेतृत्व भारत को एक नई दिशा देने वाला साबित हुआ है।
यह उपलब्धि न केवल नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन की एक बड़ी सफलता है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र में स्थायित्व और निरंतरता का भी प्रतीक है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मोदी अगले चुनाव में भी जीत हासिल कर पंडित नेहरू के रिकॉर्ड की ओर कदम बढ़ाएंगे।

