आज, 25 दिसंबर 2024 को, देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती मनाई जा रही है। उनकी जयंती के अवसर पर दिल्ली में देश के विभिन्न प्रमुख नेता एकत्रित हुए और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए ‘सदैव अटल’ स्मारक पर पहुंचे। यह दिन केवल अटल जी के व्यक्तित्व और उनके योगदान को याद करने का नहीं, बल्कि उनके द्वारा देश के लिए किए गए कार्यों और उनके अद्वितीय नेतृत्व की महानता को भी श्रद्धांजलि देने का दिन है।
दिल्ली के ‘सदैव अटल’ स्मारक पर इस खास मौके पर कई प्रमुख नेता मौजूद थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू समेत एनडीए के शीर्ष नेता इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। सभी नेताओं ने अटल जी की तस्वीर के सामने पुष्पांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन एक प्रेरणा था। वे न केवल एक प्रभावशाली राजनीतिज्ञ थे, बल्कि एक महान वक्ता, कवी और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने वाले व्यक्ति भी थे। अटल जी ने भारतीय राजनीति में एक नया आयाम स्थापित किया था, जहां उन्होंने न केवल राष्ट्रहित में नीतियां बनाई, बल्कि एकता और समरसता का संदेश भी दिया। उनका प्रधानमंत्रित्व काल एक ऐतिहासिक दौर था, जिसमें उन्होंने आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाया, भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती दी और कई ऐतिहासिक फैसले लिए।
उनकी विदेश नीति, विशेषकर पाकिस्तान और चीन के साथ संबंधों को लेकर उनके साहसिक फैसले, आज भी याद किए जाते हैं। पोखरण-2 परमाणु परीक्षण उनके प्रधानमंत्रित्व काल की एक महत्वपूर्ण घटना थी, जिसने भारत को एक शक्तिशाली परमाणु राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। अटल जी का यह विश्वास था कि भारत को अपनी सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करने का अधिकार है और इसके लिए उसे किसी से भी डरने की आवश्यकता नहीं है।
इसके अलावा, अटल जी की समाज कल्याण और बुनियादी ढांचे के विकास में भी अहम भूमिका रही। उनके नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और परियोजनाओं की शुरुआत हुई, जिनका लाभ आज भी जनता को मिल रहा है। सड़क नेटवर्क का विस्तार, ग्रामीण विकास योजनाएं, और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार, ये सभी उनके कार्यकाल में हुए महत्वपूर्ण बदलाव थे।
अटल बिहारी वाजपेयी ने भारतीय राजनीति को एक नया दिशा दी और राजनीति को एक संघर्ष से अधिक, सेवा का माध्यम माना। उनका व्यक्तित्व हमेशा सर्वजनहिताय, सर्वजनसुखाय के सिद्धांतों पर आधारित था। उनके द्वारा किए गए कार्य और उनके विचार आज भी भारतीय राजनीति और समाज में गहरे प्रभाव डालते हैं।
उनकी 100वीं जयंती पर इस प्रकार की श्रद्धांजलि सभा न केवल उनके योगदान को मान्यता देती है, बल्कि हमें उनके मार्गदर्शन और उनकी प्रेरणा से आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देती है। यह दिन अटल जी को याद करने और उनके द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलने का दिन है।

