प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत पर परिवार ने उठाए गंभीर सवाल
वृंदावन, 28 सितंबर: संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े साधक रसिक दुलारी शरण, जिनका वास्तविक नाम दीपक लोधी बताया जा रहा है, की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिवार ने कई सवाल उठाए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रथम दृष्टया घटना को आत्महत्या से जोड़कर देखा जा रहा है।
परिजनों का आरोप है कि दीक्षा लेने के बाद दीपक से मुलाकात करना उनके लिए मुश्किल हो गया था। परिवार के मुताबिक, उन्होंने कई बार आश्रम पहुंचकर दीपक से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें इंतजार करने के लिए कहा जाता था। उनका दावा है कि वे करीब तीन दिनों तक आश्रम के चक्कर लगाते रहे, लेकिन दीपक से मुलाकात नहीं हो सकी।
परिवार के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद वे रात करीब तीन बजे आश्रम पहुंचे। उनका कहना है कि उन्हें काफी देर तक बाहर इंतजार करना पड़ा और सुबह तक भी घटना के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। परिवार ने इस देरी को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
दीपक के साले सोनू पटेल ने बताया कि परिवार लगातार उनसे संपर्क और मुलाकात की कोशिश करता रहा था। परिजनों का कहना है कि दीपक सामान्य व्यवहार करता था और उन्हें कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि वह आत्महत्या जैसा कदम उठा सकता है।
मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य जांच के आधार पर मौत की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया जा रहा है।
परिवार ने घटना की विस्तृत और निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, मौत की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

