मल्लिकार्जुन खड़गे ने योगी के ‘बांटेंगे तो काटेंगे’ नारे की आलोचना की, झारखंड रैली के दौरान इसे आतंकवादी भाषा बताया

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झारखंड में एक जनसभा के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा दिए गए ‘बांटेंगे तो काटेंगे’ नारे की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इस नारे को ‘आतंकी भाषा’ करार देते हुए कहा कि यह न केवल समाज में नफरत फैलाने वाला है, बल्कि देश की एकता और अखंडता के लिए भी खतरा पैदा करता है।

खड़गे ने इस पर तीखा बयान देते हुए कहा, “जो शब्द हमारे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जैसे जिम्मेदार नेताओं की जुबान से निकलते हैं, उनका असर सीधे समाज पर पड़ता है। ‘बांटेंगे तो काटेंगे’ जैसा नारा समाज में हिंसा और असहमति को बढ़ावा देता है। ऐसे नारे आतंकवादी भाषा की तरह होते हैं, जो समाज को तोड़ने की कोशिश करते हैं।”

उनका कहना था कि साधु-संत और धार्मिक नेता हमेशा समाज को एकजुट करने की बात करते हैं, न कि उसे विभाजित करने की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ‘बांटेंगे तो काटेंगे’ जैसे नारे उन संस्कारों के विपरीत हैं, जो भारतीय समाज में हजारों वर्षों से मौजूद हैं। खड़गे ने यह सवाल उठाया कि जब देश को एकजुटता और प्रेम की आवश्यकता है, तो ऐसे नारे क्यों दिए जा रहे हैं?

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “हमारी संस्कृति और हमारे समाज की बुनियाद भाईचारे और एकता पर है। यह हमें सदियों से सिखाया गया है कि हम सभी एक दूसरे के साथ मिलकर देश को आगे बढ़ाएं। अगर हमारे नेता ही ऐसे नफरत भरे नारे देंगे, तो समाज में विभाजन की भावना बढ़ेगी और देश की तरक्की रुक जाएगी।”

इसके अलावा, खड़गे ने योगी आदित्यनाथ की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने बयान से यह साबित किया है कि उन्हें जनता की भलाई की कोई चिंता नहीं है। उनका केवल उद्देश्य समाज को बांटना और हिंसा की भावना फैलाना है।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी ऐसे बयानबाजी के खिलाफ हमेशा खड़ी रहेगी और देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए संघर्ष करती रहेगी। खड़गे ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे समाज में भाईचारा और शांति का माहौल बनाकर इस तरह की नफरत फैलाने वाली ताकतों का मुकाबला करें।

झारखंड रैली में मल्लिकार्जुन खड़गे का यह बयान कांग्रेस पार्टी के लिए महत्वपूर्ण था, क्योंकि आगामी चुनावों में पार्टी ने खुद को एकजुटता और समरसता के प्रतीक के रूप में पेश करने का प्रयास किया है। खड़गे के इस बयान ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति को गरमा दिया है, और यह स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस पार्टी अपने विरोधियों से इन मुद्दों पर सख्ती से लड़ेगी।

खड़गे के इस बयान से यह भी संदेश गया कि पार्टी भारतीय समाज की विविधता और उसकी सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान करती है, और वह किसी भी स्थिति में उस पर हमला नहीं सहने वाली है।


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