कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने हालिया बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें जो बाइडन से तुलना की। उन्होंने अमरावती में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी सरकार की नीतियों और प्रधानमंत्री की याददाश्त पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने यह मजाकिया अंदाज में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का दिमाग एक बहुत बड़े भूलने की बीमारी का शिकार हो गया है, जिससे वह अक्सर महत्वपूर्ण बातें भूल जाते हैं।
राहुल गांधी ने इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के बयानबाजी पर भी तंज कसा और कहा, “प्रधानमंत्री मोदी को कभी भी अपनी बातों को याद रखने में दिक्कत होती है। ऐसा लगता है जैसे उनका दिमाग किसी पुराने कंप्यूटर जैसा हो गया है, जो हर दो मिनट में हैंग हो जाता है।” उन्होंने जो बाइडन के संदर्भ में भी टिप्पणी करते हुए कहा, “कभी कभी मोदी जी का दिमाग बाइडन के जैसा काम करता है, जैसे अमेरिका के राष्ट्रपति जो उम्र के एक खास दौर से गुजर रहे हैं। जब बाइडन भूल जाते हैं तो समझ में आता है, लेकिन मोदी जी तो अभी युवा हैं, फिर क्यों भूलते हैं?”
राहुल गांधी ने इस टिप्पणी में प्रधानमंत्री मोदी के वैश्विक मंचों पर दिए गए बयानों को लेकर भी व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि मोदी विदेशों में तो बहुत बड़े नेता बनते हैं, लेकिन देश में उनकी याददाश्त ऐसी हो गई है कि उन्हें अपनी ही योजनाओं और वादों की याद नहीं रहती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में किसानों, मजदूरों, और युवाओं के हितों के साथ खिलवाड़ किया है, और इन मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की याददाश्त की समस्या को एक बहाना बना दिया गया है।
इसके बाद राहुल गांधी ने मोदी सरकार के कई फैसलों पर भी सवाल उठाए, जैसे नोटबंदी और जीएसटी के मुद्दे। उन्होंने कहा, “मोदी जी को शायद यह याद नहीं है कि नोटबंदी के दौरान लाखों लोग लाइन में खड़े होकर परेशान हुए थे। क्या यह उनकी याददाश्त का हिस्सा था? क्या वह भूल गए थे कि उन्होंने क्या किया था?” राहुल गांधी ने कहा कि मोदी की नीतियों ने आम आदमी की जिंदगी मुश्किल बना दी, और वह अब सिर्फ अपने बयानों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, असल मुद्दों से मुंह मोड़ रहे हैं।
राहुल गांधी के इस बयान ने राजनीति में हलचल मचा दी है। कांग्रेस पार्टी के नेता और कार्यकर्ता इसे मोदी सरकार पर एक और तगड़ा हमला मान रहे हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राहुल गांधी के बयान को अपमानजनक और बिना आधार का बताते हुए उनकी आलोचना की है। बीजेपी के प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी का यह बयान उनके मानसिक स्थिति की ओर इशारा करता है, और उन्हें जनता के बीच जाकर काम करने की बजाय व्यक्तिगत हमलों में जुटने का कोई हक नहीं है।
राहुल गांधी ने अपनी इस टिप्पणी से साबित कर दिया कि विपक्ष की ओर से मोदी सरकार पर हमले तेज हो चुके हैं, और आगामी चुनावों में यह मुद्दा अहम बन सकता है।