आतंकवाद पर पाकिस्तान की पोल खोलने विदेश रवाना हुईं भारतीय सांसदों की दो टीमें, थरूर जाएंगे पांच देशों के दौरे पर
भारत ने वैश्विक मंच पर आतंकवाद के खिलाफ अपने रुख को और मजबूत करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को बेनकाब करने के उद्देश्य से भारतीय सांसदों की दो टीमें विभिन्न देशों के दौरे पर रवाना हुई हैं। इस अभियान का नेतृत्व वरिष्ठ कांग्रेस सांसद शशि थरूर कर रहे हैं, जो अपनी टीम के साथ अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राज़ील और कोलंबिया की यात्रा करेंगे। इन दौरों का मकसद अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान की आतंकवाद समर्थक नीतियों से अवगत कराना और भारत के खिलाफ चलाए जा रहे प्रॉक्सी वॉर पर ध्यान केंद्रित करना है।
शशि थरूर, जो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की विदेश नीति और आतंकवाद विरोधी अभियान की प्रभावशाली आवाज़ माने जाते हैं, इस दौरे में वैश्विक नेताओं, थिंक टैंक्स और प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। वे विभिन्न सम्मेलनों, संवाद सत्रों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के माध्यम से भारत की चिंता और अनुभव साझा करेंगे, विशेष रूप से सीमापार से आतंकवाद के संदर्भ में।
इस पहल का उद्देश्य सिर्फ पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर करना नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वैश्विक समर्थन मजबूत हो। भारत लंबे समय से यह बात कहता आया है कि आतंकवाद किसी एक देश की समस्या नहीं, बल्कि वैश्विक खतरा है, जिसे मिलकर ही समाप्त किया जा सकता है। इसी संदर्भ में यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दूसरी टीम भी समान रूप से रणनीतिक महत्व के देशों का दौरा करेगी, जहां वे स्थानीय नेतृत्व और कूटनीतिक हलकों से बातचीत कर भारत का पक्ष रखेंगे। इन दौरों के दौरान, सांसदों की टीम पाकिस्तान की धरती से संचालित हो रहे आतंकी संगठनों, उनके वित्तपोषण के स्रोतों, और पाकिस्तान सरकार की भूमिका पर तथ्य आधारित जानकारी साझा करेगी।
इन बैठकों में भारत यह भी उजागर करेगा कि पाकिस्तान न केवल आतंकियों को शरण देता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता। इसके अलावा, भारतीय प्रतिनिधिमंडल यह भी बताएगा कि कैसे भारत लगातार आतंकी हमलों का सामना करता आया है — चाहे वह मुंबई हमला हो, उरी या पुलवामा जैसी घटनाएं।
इस रणनीतिक पहल को भारतीय विदेश मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों का भी पूरा समर्थन प्राप्त है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की सक्रिय कूटनीति से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भारत की स्थिति मजबूत होगी और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
अंततः, यह दौरा भारत की उस नीति का प्रतीक है जिसमें वह सिर्फ सैन्य या राजनयिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि विचारधारा और वैश्विक समर्थन के माध्यम से भी आतंकवाद के खिलाफ मोर्चा खोलना चाहता है। आने वाले हफ्तों में इन दौरों के नतीजे अंतरराष्ट्रीय संबंधों और भारत की वैश्विक छवि पर असर डाल सकते हैं।

