शहरी इलाकों में बढ़ते कोविड मामलों से फिर सतर्क हुए राज्य, दिल्ली-कर्नाटक समेत कई क्षेत्रों ने अस्पतालों को किया अलर्ट
देश में एक बार फिर कोविड-19 की दस्तक ने चिंता बढ़ा दी है। शहरी इलाकों में धीरे-धीरे कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं, जिससे राज्य सरकारें और स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गए हैं। दिल्ली, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और अन्य कुछ राज्यों ने अस्पतालों को अलर्ट पर रखते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि अभी स्थिति उतनी गंभीर नहीं है, लेकिन पिछली लहरों के अनुभवों को देखते हुए प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम, लोगों की लापरवाही और कोविड अनुरूप व्यवहार में गिरावट की वजह से संक्रमण फिर से फैल सकता है। राजधानी दिल्ली में बीते एक सप्ताह में कोविड के मामलों में मामूली लेकिन स्थिर वृद्धि देखी गई है। इसी तरह बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में भी नए मरीज सामने आ रहे हैं। हालांकि अधिकतर मामलों में लक्षण हल्के हैं और अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ी है, फिर भी सरकारें कोई चूक नहीं चाहतीं।
दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ऑक्सीजन आपूर्ति, दवाइयों के स्टॉक और आइसोलेशन वार्ड की स्थिति की समीक्षा शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया है कि किसी भी संभावित इमरजेंसी के लिए तैयारी पूरी होनी चाहिए।
कर्नाटक सरकार ने भी स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। बेंगलुरु में कुछ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टेस्टिंग बढ़ा दी गई है और स्कूलों व सार्वजनिक स्थलों पर मास्क पहनने की सलाह दी जा रही है। राज्य सरकार ने यह भी कहा है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भविष्य में फिर से मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों को अनिवार्य किया जा सकता है।
आंध्र प्रदेश में भी स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में कोविड निगरानी बढ़ा दी है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अभी घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन एहतियात ज़रूरी है। राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि किसी भी आपात स्थिति में सभी स्वास्थ्य सेवाएं सक्रिय और सक्षम रहें।
कोविड विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और इसके नए वेरिएंट समय-समय पर उभरते रह सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि आम जनता भी सतर्क रहे, भीड़भाड़ से बचे, मास्क पहने और यदि लक्षण महसूस हों तो टेस्ट जरूर करवाएं।
अंततः, यह स्थिति एक चेतावनी है कि कोविड-19 को हल्के में नहीं लिया जा सकता। सरकारें और प्रशासन सतर्क हो चुके हैं, अब जरूरी है कि नागरिक भी जिम्मेदारी दिखाएं ताकि हालात बेकाबू न हों और हम फिर से उसी संकट में न फंसें जिससे बड़ी मुश्किल से बाहर निकले हैं।

