इस साल छठ पूजा कब है? सूर्य देव की कृपा पाने के लिए अपनाएँ ये पाँच खास उपाय और पाएँ अपार लाभ
छठ पूजा, जिसे सूर्य षष्ठी व्रत के नाम से भी जाना जाता है, भारतीय संस्कृति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहार है। यह पर्व मुख्यतः बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित होती है, जिनकी पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और संतान की दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
इस साल छठ पूजा कब है?
साल 2025 में छठ पूजा का शुभ पर्व 27 अक्टूबर (सोमवार) से 30 अक्टूबर (गुरुवार) तक मनाया जाएगा।
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27 अक्टूबर 2025: नहाय-खाय
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28 अक्टूबर 2025: खरना (लोहंडा)
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29 अक्टूबर 2025: संध्या अर्घ्य (पहला अर्घ्य)
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30 अक्टूबर 2025: उषा अर्घ्य (दूसरा अर्घ्य) और पर्व का समापन
इन चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व न केवल आत्मशुद्धि का प्रतीक है बल्कि प्रकृति और सूर्य की उपासना का भी उत्सव है।
सूर्य देव की कृपा पाने के पाँच खास उपाय
1. स्नान और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें
छठ पूजा में पवित्रता का अत्यंत महत्व होता है। व्रती (व्रत रखने वाला व्यक्ति) नहाय-खाय के दिन स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करता है और सात्विक भोजन करता है। इस दिन से ही व्रती पूरी तरह से पवित्रता का पालन करता है। स्वच्छ मन और शरीर से पूजा करने पर सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
2. खरना के दिन संकल्पपूर्वक व्रत रखें
खरना के दिन पूरा दिन निर्जला व्रत रखा जाता है। सूर्यास्त के बाद खीर और रोटी का प्रसाद बनाकर चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला जाता है। इस दिन की साधना आत्म-नियंत्रण और संयम की परीक्षा होती है, जिससे मन और आत्मा दोनों शुद्ध होते हैं।
3. डूबते सूर्य को अर्घ्य दें
तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। यह अर्घ्य जीवन में समाप्त हो रही नकारात्मकता को दूर करता है और नए उजाले का मार्ग प्रशस्त करता है। अर्घ्य के समय मन में सूर्य देव से परिवार की समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना करें।
4. उगते सूर्य को अर्घ्य देना न भूलें
छठ पूजा का सबसे महत्वपूर्ण क्षण उषा अर्घ्य होता है। सुबह-सुबह व्रती और परिवार के सदस्य मिलकर उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। यह जीवन में नई ऊर्जा, सफलता और सौभाग्य का प्रतीक है। माना जाता है कि इस अर्घ्य से सूर्य देव तुरंत प्रसन्न होते हैं।
5. दान और सेवा करें
छठ पर्व पर दान का विशेष महत्व है। जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या प्रसाद का वितरण करने से पुण्य प्राप्त होता है। सेवा भाव से किया गया कार्य सूर्य देव को अत्यंत प्रिय होता है, जिससे जीवन में धन, सुख और संतोष की प्राप्ति होती है।
निष्कर्ष
छठ पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति, अनुशासन और भक्ति का अद्भुत संगम है। इस पर्व में सूर्य देव की उपासना कर मनुष्य अपने जीवन में सकारात्मकता, ऊर्जा और समृद्धि को आमंत्रित करता है। यदि आप पूरे श्रद्धा, नियम और पवित्रता से इन पाँच उपायों का पालन करते हैं, तो निश्चय ही सूर्य देव की असीम कृपा आप पर बरसेगी और आपके जीवन में सुख-शांति का संचार होगा।

