खेल के मैदान से विधानसभा तक: राष्ट्रमंडल स्वर्ण पदक विजेता श्रेयसी सिंह ने ली शपथ, बनीं बिहार की सबसे युवा मंत्री
बिहार के राजनीतिक पटल पर एक नई, चमकदार सुबह हुई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह की बेटी और राष्ट्रमंडल खेलों में देश को स्वर्ण पदक दिलाने वाली निशानेबाज श्रेयसी सिंह ने आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मंत्री पद की शपथ ली। इस शपथ ग्रहण समारोह ने न केवल बिहार मंत्रिमंडल में फेरबदल को चिन्हित किया, बल्कि 34 वर्षीय राष्ट्रीय शूटर श्रेयसी सिंह को राज्य सरकार में शामिल होते ही सबसे युवा मंत्री का दर्जा भी दिला दिया। उनका खेल जगत से राजनीति तक का यह प्रेरणादायक सफर, विशेष रूप से नई पीढ़ी के लिए, एक नया अध्याय खोलता है।
एक खिलाड़ी का राजनीतिक पदार्पण
श्रेयसी सिंह का राजनीति में प्रवेश कोई अचानक का फैसला नहीं था। उनके पिता, दिवंगत दिग्विजय सिंह, लंबे समय तक बिहार की राजनीति में एक कद्दावर नाम रहे थे। हालांकि, श्रेयसी ने अपनी पहचान खुद के दम पर, अंतर्राष्ट्रीय खेल मंच पर बनाई। डबल ट्रैप शूटिंग में उनका शानदार प्रदर्शन उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में स्वर्ण पदक तक ले गया, जिससे वह देश की चहेती खिलाड़ी बन गईं।
खेल की दुनिया में शिखर पर पहुंचने के बाद, उन्होंने जनता की सेवा के लिए राजनीति को चुना। उन्होंने 2020 बिहार विधानसभा चुनाव में जमुई सीट से जीत हासिल की और अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की। उनकी जीत को बिहार की जनता के बीच उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता और खेल उपलब्धियों के प्रति सम्मान के रूप में देखा गया।
मंत्रिमंडल में युवा जोश का समावेश
मंत्रिमंडल में श्रेयसी सिंह को शामिल करना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। यह न केवल युवा मतदाताओं और महिलाओं को आकर्षित करने का प्रयास है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार खेल और युवा कल्याण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
सबसे युवा मंत्री के रूप में, श्रेयसी सिंह के सामने चुनौतियां भी बड़ी होंगी। उनसे उम्मीद की जाती है कि वह अपनी खेल भावना और अनुशासन को प्रशासनिक कार्यों में लाएंगी। यह स्वाभाविक है कि उन्हें युवा मामले, खेल या कला एवं संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विभाग सौंपे जा सकते हैं, जहां उनकी विशेषज्ञता और अनुभव राज्य के युवाओं के लिए एक मजबूत नीतिगत ढाँचा तैयार करने में सहायक होगा।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा
श्रेयसी सिंह का यह सफर—एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की एथलीट से लेकर राज्य की कैबिनेट मंत्री तक—बिहार के युवाओं के लिए एक शक्तिशाली संदेश देता है। यह स्थापित करता है कि युवा ऊर्जा, समर्पण और सफलता की भूख को राजनीति और शासन के उच्चतम स्तरों पर स्थान दिया जा रहा है।
उनका मंत्रिमंडल में शामिल होना सिर्फ एक विभागीय बदलाव नहीं है, बल्कि यह बिहार की राजनीति में गुणात्मक परिवर्तन का संकेत है, जहां अब पारंपरिक राजनीतिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ योग्यता और उपलब्धियों को भी महत्व दिया जा रहा है। श्रेयसी सिंह पर अब यह जिम्मेदारी है कि वह अपनी प्रशासनिक क्षमता और दूरदर्शिता से जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतरें और अपनी नई भूमिका में भी स्वर्ण पदक जैसी सफलता हासिल करें।

