बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र का 89 की उम्र में निधन: इंडस्ट्री को गहरा सदमा
बॉलीवुड के सुनहरे दौर के सबसे प्यारे और दमदार अभिनेताओं में से एक, धर्मेंद्र सिंह देओल, अब हमारे बीच नहीं रहे। ‘ही-मैन’ के नाम से मशहूर, इस दिग्गज अभिनेता ने 89 वर्ष की आयु में अंतिम साँस ली। उनके निधन की खबर ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री और उनके करोड़ों प्रशंसकों को गहरे सदमे में डाल दिया है। यह खबर मंगलवार सुबह सामने आई, जिसने मनोरंजन जगत में एक शून्य पैदा कर दिया है जिसे भरना असंभव है।
धर्मेंद्र, जिनका फिल्मी करियर छह दशकों से अधिक लंबा रहा, अपनी बेजोड़ अदाकारी, दिलकश मुस्कान और एक्शन-रोमांटिक किरदारों के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। पंजाब के साहनेवाल गाँव से निकलकर, उन्होंने मुंबई में अपनी जगह बनाई और ‘ट्रेजेडी किंग’ दिलीप कुमार और ‘शोमैन’ राज कपूर जैसे दिग्गजों के बीच अपनी एक अलग पहचान स्थापित की।
उनके करियर की शुरुआत 1960 में फ़िल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से हुई, लेकिन उन्हें असली पहचान ‘फूल और पत्थर’ (1966) से मिली। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। ‘शोले’ में उनका ‘वीरू’ का किरदार आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित किरदारों में से एक है। ‘सीता और गीता’, ‘यादों की बारात’, ‘प्रतिज्ञा’ और ‘चुपके चुपके’ जैसी फ़िल्मों में उन्होंने कॉमेडी, एक्शन और रोमांस का अद्भुत मिश्रण पेश किया। उनकी ऑन-स्क्रीन और ऑफ-स्क्रीन, दोनों तरह की सादगी और विनम्रता ने उन्हें ‘जनता का हीरो’ बना दिया।
अभी तक देओल परिवार की तरफ से धर्मेंद्र जी की मृत्यु पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे उनके प्रशंसकों और शुभचिंतकों के बीच शोक की लहर और भी गहरी हो गई है। परिवार इस निजी क्षति से जूझ रहा है। हालांकि, सोशल मीडिया पर फ़िल्मी हस्तियों और राजनेताओं द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि देने का सिलसिला शुरू हो चुका है। हर कोई इस ‘प्यार करने वाले’ और ‘दबंग’ सितारे को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।
धर्मेंद्र जी केवल एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि एक युग थे। उनका अभिनय स्कूल ऑफ़ आर्ट्स से नहीं, बल्कि दिल से निकला था, जो सीधे दर्शकों के दिलों को छूता था। उनकी रोमांटिक फ़िल्मों में एक भोलापन था, जबकि एक्शन फ़िल्मों में एक अनोखा जोश। उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था, जो भारतीय सिनेमा में उनके अतुलनीय योगदान का प्रमाण है।
धर्मेंद्र का निधन भारतीय सिनेमा के एक स्वर्णिम अध्याय का अंत है। भले ही ‘ही-मैन’ शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फ़िल्में, उनके गीत, और उनके निभाए गए अमर किरदार पीढ़ियों तक दर्शकों को प्रेरित करते रहेंगे। बॉलीवुड ने आज अपना एक सबसे चमकदार सितारा खो दिया है।

