पीएम मोदी ने असम आंदोलन के शहीदों को दी श्रद्धांजलि; शहीद स्मारक और गैलरी के दौरे को बताया ‘अत्यंत भावुक’।

Spread the love

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में असम के गुवाहाटी में ‘शहीद स्मारक क्षेत्र’ का दौरा किया, जहाँ उन्होंने असम आंदोलन के वीर बलिदानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह दौरा न केवल राजनीतिक महत्व रखता है, बल्कि यह असम की सांस्कृतिक अस्मिता और ऐतिहासिक संघर्षों के प्रति केंद्र सरकार के सम्मान को भी दर्शाता है।

शहीद प्रणाम ज्योति पर पुष्पांजलि

प्रधानमंत्री ने ‘शहीद प्रणाम ज्योति’ पर पुष्प अर्पित कर उन युवाओं और नागरिकों को नमन किया, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा और राज्य की जनसांख्यिकीय अखंडता को बनाए रखने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। इस दौरान पीएम मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शहीदों की याद में प्रज्वलित यह ज्योति हमें राष्ट्र सेवा के प्रति निरंतर समर्पित रहने की प्रेरणा देती है।

‘शहीद गैलरी’ का भावुक अनुभव

प्रधानमंत्री के दौरे का सबसे मार्मिक हिस्सा ‘शहीद गैलरी’ का अवलोकन रहा। इस गैलरी में असम आंदोलन (1979-1985) के दौरान हुए संघर्षों, विरोध प्रदर्शनों और बलिदानियों की वीरतापूर्ण कहानियों को चित्रों और दस्तावेजों के माध्यम से संजोया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा:

“शहीद गैलरी का दौरा करना एक भावुक कर देने वाला क्षण था। यहाँ प्रदर्शित हर तस्वीर और हर कहानी हमारे उन वीरों के साहस की गवाह है, जिन्होंने असम के भविष्य के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।”

असम आंदोलन का ऐतिहासिक संदर्भ

असम आंदोलन, जिसे ‘असम संघर्ष’ के रूप में भी जाना जाता है, राज्य के इतिहास की एक युगांतरकारी घटना थी। यह आंदोलन मुख्य रूप से अवैध प्रवासियों की पहचान करने और उन्हें निर्वासित करने की मांग को लेकर शुरू हुआ था। इस छह साल लंबे संघर्ष में सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। पीएम मोदी ने इन बलिदानों को याद करते हुए इस बात पर जोर दिया कि इन शहीदों का संघर्ष व्यर्थ नहीं जाएगा और उनकी वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनी रहेगी।

विकास और विरासत का संगम

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनकी सरकार ‘विरासत’ और ‘विकास’ दोनों को साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। एक तरफ जहाँ सरकार असम में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को आधुनिक बना रही है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय भावनाओं और गौरवशाली इतिहास को सहेजने का कार्य भी किया जा रहा है।

यह स्मारक न केवल एक इमारत है, बल्कि असम के लोगों के लचीलेपन और उनके अधिकारों के लिए लड़ने की इच्छाशक्ति का प्रतीक है। पीएम मोदी के इस दौरे को राज्य के लोगों के साथ जुड़ने और उनके ऐतिहासिक संघर्ष को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान देने के एक बड़े प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा इस बात की पुष्टि करती है कि आधुनिक भारत का निर्माण करते समय उन बलिदानों को नहीं भुलाया जा सकता जिन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा और क्षेत्रीय पहचान को सुरक्षित रखा। असम आंदोलन के शहीदों को दी गई यह श्रद्धांजलि पूरे पूर्वोत्तर भारत के लिए एक सम्मान का क्षण है।


President Droupadi Murmu Rejects Mercy Plea for Convict in 2012 Maharashtra Child Kidnapping, Rape, and Murder Case.

पीएम मोदी करेंगे गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई एयरपोर्ट के भव्य टर्मिनल का उद्घाटन, ‘X’ पर साझा कीं मनमोहक तस्वीरें।

नीतीश कुमार की सासू मां विद्यावती देवी का निधन: मुख्यमंत्री ने पटना के बांस घाट पर दी अंतिम विदाई, 90 वर्ष की आयु में ली आखिरी सांस।


Auspicious Associates Group

Auspicious Associates financial services &

IT solution services contact Her


We are open for place your ads or backlink on our webs

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *