ईरान युद्ध के चलते खाड़ी देशों से तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर भारत पर दिखाई देने लगा है। सरकारी महारत्न कंपनी गेल (Gas Authority of India Limited – GAIL) ने गुरुवार सुबह 6 बजे से कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KPCL) के येलाहांका गैस आधारित पावर प्लांट को प्राकृतिक गैस की सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी। ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।
370 मेगावाट क्षमता वाला यह संयंत्र राज्य का एकमात्र गैस आधारित बिजली उत्पादन केंद्र है। अधिकारियों का कहना है कि गैस सप्लाई रुकने से बिजली उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है। बेंगलुरु इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (Bescom) इस प्लांट से बिजली खरीदती है। अब इसके बंद होने से बेंगलुरु में बिजली सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान युद्ध के कारण खाड़ी देशों से गैस और तेल की आपूर्ति बाधित हो रही है। भारत की ऊर्जा सुरक्षा काफी हद तक इन देशों पर निर्भर है। ऐसे में सप्लाई चेन टूटने से बिजली उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ना तय है।
बेंगलुरु जैसे आईटी और औद्योगिक केंद्र में बिजली संकट का असर व्यापक हो सकता है। कंपनियों और आम नागरिकों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है। ऊर्जा मंत्रालय स्थिति पर नजर बनाए हुए है और वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने की कोशिश कर रहा है।
हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल गैस सप्लाई बहाल होने की कोई संभावना नहीं दिख रही। यदि स्थिति लंबी खिंचती है तो राज्य सरकार को बिजली की मांग पूरी करने के लिए अन्य स्रोतों पर निर्भर होना पड़ेगा।
संक्षेप में, ईरान युद्ध ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति को झकझोर दिया है। येलाहांका पावर प्लांट का बंद होना इस संकट की गंभीरता को दर्शाता है और आने वाले दिनों में बेंगलुरु समेत पूरे कर्नाटक में बिजली संकट गहराने की आशंका है।
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