पटना में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की प्रारंभिक परीक्षा के नियमों में बदलाव को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा है। बीपीएससी दफ्तर के बाहर सैकड़ों अभ्यर्थी उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आयोग द्वारा परीक्षा के नियमों में किए गए बदलाव ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खासकर, नियमों में कुछ ऐसे बदलाव किए गए हैं, जिनका अभ्यर्थियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इस स्थिति ने परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए बड़ी संख्या में तैयारी कर रहे छात्रों को गहरे आक्रोश में डाल दिया है।
बीपीएससी द्वारा प्रारंभिक परीक्षा में कुछ खास बदलावों को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध तेज हो गया है। उनका कहना है कि नियमों में बदलाव ने परीक्षा प्रक्रिया को और भी कठिन बना दिया है, जिसके कारण उनकी उम्मीदों पर चोट पहुंची है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि आयोग ने बिना किसी ठोस कारण के नियमों में बदलाव किए हैं, जो पूरी तरह से अनुचित और उनके भविष्य के लिए हानिकारक है।
अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन बीपीएससी दफ्तर के बाहर लगातार जारी है, और उनका यह आंदोलन तब और तेज हो गया जब कुछ छात्रों ने यह आरोप लगाया कि आयोग उनकी आवाज सुनने को तैयार नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर नारेबाजी की और विरोधस्वरूप सड़क पर बैठ गए। उनका कहना है कि जब तक आयोग इन बदलावों को वापस नहीं लेता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
इस बीच, बीपीएससी के खिलाफ हो रहे इस प्रदर्शन को लेकर बिहार के शिक्षा विभाग के अधिकारी और प्रशासनिक तंत्र भी सक्रिय हो गए हैं। हालांकि, बिहार लोक सेवा आयोग के अधिकारियों का कहना है कि बदलाव जरूरी थे, ताकि परीक्षा प्रक्रिया को और पारदर्शी और उम्मीदवारों के लिए समान रूप से निष्पक्ष बनाया जा सके।
इसी दौरान, डॉ. अन्नू कुमार, जो बिहार सरकार के शिक्षा विभाग से जुड़े हुए हैं, ने एक अहम बयान जारी किया। उन्होंने पुष्टि की कि लोकप्रिय शिक्षक ‘खान सर’ की गिरफ्तारी की खबर पूरी तरह से झूठी और निराधार है। यह खबर सोशल मीडिया और अन्य स्रोतों से फैल रही थी कि खान सर को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन डॉ. अन्नू कुमार ने इसे खारिज किया। उन्होंने कहा कि खान सर को लेकर चल रही अफवाहें बेबुनियाद हैं और वे बिल्कुल सुरक्षित हैं।
डॉ. अन्नू कुमार ने इस विषय पर आगे कहा कि खान सर की लोकप्रियता को देखते हुए ऐसी अफवाहों का फैलना एक साजिश हो सकती है, जिसका उद्देश्य समाज में दहशत फैलाना हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सही जानकारी प्राप्त करें।
इस बीच, बीपीएससी की परीक्षा प्रक्रिया और खान सर के बारे में चल रही अफवाहों ने बिहार में शिक्षा से संबंधित मुद्दों पर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। छात्रों का प्रदर्शन और प्रशासन की ओर से इन आरोपों का खंडन यह दर्शाता है कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निर्णयों पर सवाल उठने लगे हैं।

