बसंत पंचमी का पर्व इस वर्ष 2 फरवरी 2025, रविवार को मनाया जाएगा। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 1 फरवरी 2025 को दोपहर 1:30 बजे से प्रारंभ होकर 2 फरवरी 2025 को दोपहर 3:00 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार, बसंत पंचमी 2 फरवरी को मनाई जाएगी।
शुभ मुहूर्त:
सरस्वती पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 2 फरवरी 2025 को सुबह 7:09 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक है।
पूजन विधि:
- स्नान और संकल्प: प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा का संकल्प लें।
- मां सरस्वती की स्थापना: मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र को पूजा स्थल पर स्थापित करें।
- पूजा सामग्री: सफेद वस्त्र, सफेद फूल, अक्षत (चावल), धूप, दीप, गंध, नैवेद्य (मिठाई), फल, यज्ञोपवीत, पुस्तकें, वाद्य यंत्र आदि एकत्र करें।
- पूजन क्रम:
- दीप प्रज्वलित करें और गणेश वंदना करें।
- मां सरस्वती का आह्वान करें और उन्हें आसन, पाद्य, अर्घ्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, आभूषण, गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य आदि अर्पित करें।
- सरस्वती मंत्रों का जाप करें, जैसे: “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः”।
- विद्या आरंभ के लिए पुस्तकें और वाद्य यंत्र मां के चरणों में रखें और उनकी पूजा करें।
- आरती और प्रसाद वितरण: पूजा के अंत में मां सरस्वती की आरती करें और प्रसाद का वितरण करें।
बसंत पंचमी के दिन पीले वस्त्र पहनना और पीले रंग के खाद्य पदार्थों का सेवन शुभ माना जाता है, क्योंकि यह रंग बसंत ऋतु का प्रतीक है।
इस प्रकार, विधिपूर्वक सरस्वती पूजा करने से विद्या, बुद्धि और कला में वृद्धि होती है।

