संभल हिंसा: एसआईटी ने दाखिल की 3000 पन्नों की चार्जशीट, दुबई के गैंगस्टर शारिक साठा और सांसद बर्क का कनेक्शन उजागर
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में हुई हिंसा की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस चार्जशीट में करीब 3000 पन्नों के दस्तावेज शामिल हैं, जिनमें कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। जांच के दौरान सामने आया है कि इस हिंसा के पीछे दुबई में बैठे कुख्यात गैंगस्टर शारिक साठा का हाथ था। इसके अलावा, एसआईटी की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इस हिंसा को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था और इसका संबंध संभल के सांसद जियाउर्रहमान बर्क से जोड़ा जा रहा है।
हिंसा की पृष्ठभूमि
संभल में हिंसा तब भड़की जब दो समुदायों के बीच मामूली विवाद ने विकराल रूप ले लिया। स्थानीय पुलिस ने मामले को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन उपद्रवियों ने पुलिस पर ही हमला कर दिया। देखते ही देखते शहर के कई इलाकों में आगजनी, तोड़फोड़ और गोलीबारी की घटनाएं सामने आईं। इस दौरान कई वाहन जला दिए गए और आम लोगों की संपत्तियों को भी भारी नुकसान हुआ।
घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया, जिसमें राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया।
चार्जशीट में सनसनीखेज खुलासे
एसआईटी द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में यह खुलासा हुआ कि हिंसा पूरी तरह से सुनियोजित थी और इसे भड़काने में बाहरी तत्वों की भूमिका थी। जांच में सामने आया कि दुबई में बैठे गैंगस्टर शारिक साठा ने हिंसा के लिए फंडिंग की थी।
इसके अलावा, रिपोर्ट में बताया गया है कि शारिक साठा के स्थानीय नेटवर्क के जरिए उपद्रवियों को पैसा, हथियार और अन्य संसाधन मुहैया कराए गए थे। एसआईटी ने यह भी पाया कि हिंसा के दौरान उपद्रवियों को सोशल मीडिया के जरिए भड़काया गया था, जिसमें कई फर्जी वीडियो और संदेशों का इस्तेमाल किया गया था।
सांसद बर्क पर गंभीर आरोप
चार्जशीट में एक और चौंकाने वाली बात यह है कि संभल से सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर हिंसा के मुख्य आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया गया है। एसआईटी की जांच में यह बात सामने आई है कि हिंसा भड़काने वाले कई मुख्य संदिग्ध सांसद बर्क के करीबी रहे हैं और उन्होंने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए उनसे मदद ली थी।
रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा के दौरान कई संदिग्ध अपराधी सांसद के प्रभाव वाले इलाकों में छिपे हुए थे और उन्हें वहां से सुरक्षित निकलने में सहायता भी मिली। हालांकि, सांसद बर्क ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि यह राजनीतिक साजिश का हिस्सा है।
आगे की कार्रवाई
चार्जशीट दाखिल होने के बाद प्रशासन अब मुख्य आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी अभियान तेज करने की योजना बना रहा है। पुलिस की स्पेशल टीम दुबई में बैठे शारिक साठा को भारत लाने के लिए इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की तैयारी कर रही है।
इसके अलावा, जांच एजेंसियां सांसद बर्क के खिलाफ मिले सबूतों की कानूनी समीक्षा कर रही हैं, ताकि उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।
निष्कर्ष
संभल हिंसा मामले में एसआईटी की चार्जशीट ने कई बड़े नामों को उजागर कर दिया है, जिससे यह साफ हो गया है कि हिंसा केवल स्थानीय विवाद नहीं था, बल्कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिश और राजनीतिक संरक्षण का गहरा प्रभाव था। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है और दोषियों को कब तक सजा मिलती है।

