अमित शाह ने पुणे में पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद बैठक की अध्यक्षता की, 2047 तक विकसित भारत और 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था पर जोर दिया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुणे में पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद (वेस्टर्न रीजनल काउंसिल) की 27वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करना, क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करना और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेना था।
विकसित भारत 2047 का लक्ष्य
अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक और बुनियादी ढांचे का सशक्तिकरण भी शामिल है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी नवाचार और औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था पर जोर
अमित शाह ने कहा कि भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निवेश को प्रोत्साहित करना, उद्योगों को बढ़ावा देना, स्टार्टअप्स को सहायता प्रदान करना और निर्यात बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा को विशेष रूप से उद्योग, व्यापार और पर्यटन के क्षेत्र में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
बैठक में चर्चा किए गए प्रमुख मुद्दे
बैठक में विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की गई, जिनमें आंतरिक सुरक्षा, साइबर अपराध, जल प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, कृषि सुधार और बुनियादी ढांचा विकास शामिल थे। गृह मंत्री ने कहा कि राज्यों को समन्वय बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है, जिससे कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
उन्होंने साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि डिजिटल सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके अलावा, जल संरक्षण और प्रबंधन को लेकर भी विशेष रूप से चर्चा की गई, क्योंकि पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में जल संकट एक प्रमुख समस्या बनी हुई है।
आत्मनिर्भर भारत और राज्य सरकारों की भूमिका
अमित शाह ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने में राज्य सरकारों की अहम भूमिका होगी। उन्होंने राज्य सरकारों से अपील की कि वे स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा दें, कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें और निर्यात में वृद्धि करें।
उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि तभी संभव है जब राज्य अपने स्तर पर मजबूत हों। इसके लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य सरकारें स्थानीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग करें और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करें।
निष्कर्ष
अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का उद्देश्य केवल नीतिगत चर्चाएं करना नहीं था, बल्कि ठोस कार्ययोजनाओं को लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाना भी था। भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा। पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की यह बैठक इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

