प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 117वें एपिसोड में देशवासियों से संवाद किया। इस बार के कार्यक्रम में उन्होंने भारत के संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर गर्व और गौरव की बात की। 26 जनवरी 2025 को हमारे संविधान को लागू हुए 75 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, और पीएम मोदी ने इस अवसर को भारतीय जनता के लिए एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में पेश किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2025 में संविधान की 75वीं वर्षगांठ हमारे लिए सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि यह एक प्रेरणा का दिन होगा। इस दिन हम अपने लोकतंत्र की ताकत और हमारे संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों और कर्तव्यों की महत्वपूर्ण भूमिका को समझने का अवसर पाएंगे। संविधान की 75वीं वर्षगांठ, हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों को और भी मजबूती से समझने और आगे बढ़ाने का दिन होगा। पीएम मोदी ने इस अवसर पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर और उन सभी महान नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने हमारे संविधान को तैयार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में यह भी बताया कि भारत के संविधान को लागू करने से देश ने न केवल एक लोकतांत्रिक प्रणाली अपनाई, बल्कि यह संविधान हर नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने संविधान की मूल भावना को याद करते हुए कहा कि यह दस्तावेज़ न केवल हमारे अधिकारों का संरक्षक है, बल्कि यह हमारे कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। पीएम मोदी ने भारतीय नागरिकों से संविधान के इन मूल्यों को अपनी जिंदगी में आत्मसात करने का आह्वान किया और कहा कि हम सभी को संविधान के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ के 117वें एपिसोड में भारतीय लोकतंत्र की ताकत और उसकी विविधता को भी सराहा। उन्होंने कहा कि भारत की सफलता की कहानी उसका लोकतांत्रिक ढांचा, उसकी विविधता और उसमें समाहित विभिन्न संस्कृतियों और भाषाओं की एकता में निहित है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भारतीय संविधान के मूल आदर्शों और सिद्धांतों को समझें और इन्हें अपने जीवन में लागू करें ताकि एक मजबूत और समृद्ध लोकतंत्र का निर्माण हो सके।
प्रधानमंत्री ने कहा कि संविधान का हमें गर्व होना चाहिए क्योंकि यह न केवल हमारे अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि यह हमें कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक करता है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि हमें अपने संविधान के प्रति सम्मान और सच्ची श्रद्धा दिखानी चाहिए, ताकि लोकतंत्र की यह मजबूत नींव आने वाली पीढ़ियों तक बरकरार रहे।
अंत में, पीएम मोदी ने सभी भारतीयों से यह आग्रह किया कि वे संविधान की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर देश भर में इसका सम्मान और इसके मूल्यों का प्रचार-प्रसार करें। यह दिन न केवल हमारी लोकतांत्रिक यात्रा का उत्सव होगा, बल्कि यह हमारे संविधान के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और सम्मान को भी और मजबूत करेगा।

