प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके वरिष्ठ मंत्रियों ने 18वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। यह ऐतिहासिक समारोह राष्ट्रपति भवन के केंद्रीय हॉल में आयोजित किया गया, जहाँ देश की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जगत की प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित थीं। यह अवसर विशेष रूप से महत्वपूर्ण था क्योंकि यह 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत का प्रतीक था।
शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत सुबह 10 बजे हुई, जब राष्ट्रपति ने सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शपथ दिलाई। प्रधानमंत्री मोदी ने शपथ लेते हुए देश की जनता के प्रति अपनी निष्ठा और संविधान के प्रति अपनी वफादारी को पुनः दोहराया। उनके शपथ ग्रहण के बाद, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों ने भी शपथ ली।
प्रधानमंत्री मोदी ने शपथ ग्रहण के बाद अपने संबोधन में देशवासियों को धन्यवाद दिया और उनके विश्वास और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र को लेकर आगे बढ़ेगी और देश के विकास में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होने देगी। उन्होंने अपने संबोधन में गरीबी उन्मूलन, किसानों की आय दोगुनी करने, रोजगार सृजन, और महिलाओं की सुरक्षा व सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राष्ट्र के हर नागरिक के कल्याण के लिए कार्य करेगी, चाहे वह किसी भी धर्म, जाति, या क्षेत्र का हो। उन्होंने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए उन्हें शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने का आश्वासन दिया।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान अन्य मंत्रियों ने भी अपने अपने विभागों के लिए योजनाओं और प्राथमिकताओं का उल्लेख किया। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वे देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने और देश की अर्थव्यवस्था को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का संकल्प लिया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की सुरक्षा और सेना को सशक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि हमारी सेना देश की सुरक्षा के लिए हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है और सरकार उन्हें हर प्रकार की सुविधा और संसाधन उपलब्ध कराएगी।
इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह ने 18वीं लोकसभा के कार्यकाल की शुरुआत की और देशवासियों में नई उम्मीदें जगाईं। इस अवसर ने यह भी दर्शाया कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी टीम ने देश के समग्र विकास और प्रगति के लिए अपने संकल्प को दृढ़ किया है। अब सभी की निगाहें इस नई सरकार की नीतियों और कार्यों पर टिकी हैं, जो अगले पाँच वर्षों में देश को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का प्रयास करेगी।
शपथ ग्रहण समारोह ने देश के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा और जनता में आशा और विश्वास का संचार किया। अब, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार किस प्रकार से अपने वादों को पूरा करते हैं और देश को विकास की राह पर आगे बढ़ाते हैं।