बीजेपी ने हाल ही में एक बयान जारी करते हुए दावा किया कि लीक हुई CAG (कैग) रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के शराब घोटाले ने राज्य को करीब 2 हजार करोड़ रुपये का नुकसान पहुँचाया है। बीजेपी का कहना है कि यह रिपोर्ट राज्य सरकार की नीतियों और शराब की बिक्री पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल उठाती है। पार्टी ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार के फैसले ने न केवल राजस्व की हानि की, बल्कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को बढ़ावा दिया।
बीजेपी के प्रवक्ताओं ने कहा कि लीक हुई रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से यह देखा गया है कि दिल्ली सरकार ने शराब की नीति में बदलाव करने के बाद न केवल राजस्व के नुकसान को बढ़ावा दिया, बल्कि विभिन्न गड़बड़ियों के कारण यह घोटाला और भी बढ़ गया। रिपोर्ट के अनुसार, शराब की बिक्री और लाइसेंसिंग प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण उल्लंघन हुए, जिससे राज्य को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।
इस दावे के साथ बीजेपी ने दिल्ली सरकार के खिलाफ कड़ी आलोचना की और इस घोटाले के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी AAP (आम आदमी पार्टी) को जिम्मेदार ठहराया। बीजेपी ने इस मामले में केजरीवाल सरकार से जवाब मांगा और कहा कि अगर ये आरोप सही नहीं हैं तो सरकार को सार्वजनिक रूप से रिपोर्ट को सामने लाना चाहिए।
वहीं, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने बीजेपी के इस आरोप पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने बीजेपी से पूछा कि लीक हुई CAG रिपोर्ट कहां है? उन्होंने कहा कि बीजेपी सिर्फ आरोप लगा रही है, लेकिन उसके पास कोई ठोस प्रमाण नहीं है। संजय सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी इस तरह की अफवाहों और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है ताकि लोगों का ध्यान असल मुद्दों से भटक सके। उन्होंने बीजेपी से मांग की कि अगर वह सही हैं तो वह सार्वजनिक रूप से रिपोर्ट जारी करें।
संजय सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “बीजेपी का यह आरोप पूरी तरह से बेतुका और आधारहीन है। अगर रिपोर्ट लीक हुई है तो उसे सबके सामने लाना चाहिए। हम इस मुद्दे पर पूरी तरह से पारदर्शिता चाहते हैं।”
दिल्ली शराब घोटाले को लेकर दोनों पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति काफी तेज हो गई है। इस विवाद में बीजेपी और AAP दोनों एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। दिल्ली में पिछले कुछ महीनों से शराब नीति को लेकर चल रही बहस ने राजनीतिक दलों के बीच रिश्तों को और भी तनावपूर्ण बना दिया है।
इन घटनाओं ने दिल्ली की राजनीतिक स्थिति को और जटिल बना दिया है। अब देखना यह है कि यह विवाद और आरोप-प्रत्यारोप कैसे आगे बढ़ते हैं और क्या बीजेपी अपनी लीक हुई रिपोर्ट को सार्वजनिक करती है, या फिर AAP इसे एक राजनीतिक खेल के रूप में देखने का प्रयास करती है।

