महंगे स्कूल में पढ़ा तौसीफ बना सुपारी किलर, ‘ईजी मनी’ की चाह में गैंगस्टर बना टीचर का बेटा
पटना से सामने आया एक चौंकाने वाला मामला यह साबित करता है कि अच्छी परवरिश और महंगी शिक्षा भी हमेशा सही राह की गारंटी नहीं होती। शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल से पढ़ाई करने वाला तौसीफ, जो एक शिक्षिका का बेटा है, अब एक कुख्यात सुपारी किलर और गैंगस्टर के रूप में उभर कर सामने आया है। ‘ईजी मनी’ यानी आसान और तेज़ पैसे की चाह ने तौसीफ को अपराध की उस दुनिया में धकेल दिया, जहां से अब उसका लौटना मुश्किल नज़र आता है।
एक उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत
तौसीफ का बचपन एक सामान्य और सुलझे हुए परिवार में बीता। उसकी मां पटना के एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं और हमेशा बेटे को पढ़ाई में आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती रहीं। परिवार ने उसे शहर के एक महंगे और प्रतिष्ठित स्कूल में दाखिला दिलाया, ताकि वह एक बेहतर जीवन की दिशा में आगे बढ़ सके।
किस्मत का मोड़
स्कूल और कॉलेज के दौरान तौसीफ का झुकाव पढ़ाई से हटकर शॉर्टकट से पैसा कमाने की तरफ बढ़ने लगा। सोशल मीडिया और फिल्मी दुनिया से प्रभावित होकर वह ऐसी जिंदगी का सपना देखने लगा जिसमें बिना मेहनत के पैसा, पॉवर और रुतबा हासिल हो। इसी दौरान उसकी मुलाकात कुछ स्थानीय अपराधियों से हुई, जिन्होंने उसे ‘ईजी मनी’ का रास्ता दिखाया।
पहला अपराध और अपराध की दुनिया में कदम
तौसीफ ने शुरुआत छोटे-मोटे कामों से की — रंगदारी वसूली, ट्रांसपोर्ट से उगाही जैसे अपराध। लेकिन जल्द ही उसने सुपारी लेकर हत्या करने जैसे गंभीर अपराधों में भी हाथ आज़माना शुरू कर दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तौसीफ ने कम से कम तीन हत्याओं को अंजाम दिया है, जिनमें से दो सुपारी किलिंग के मामले हैं।
मां का दर्द और समाज की प्रतिक्रिया
तौसीफ की मां आज भी इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पा रहीं कि उनका बेटा एक कातिल बन चुका है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा,
“मैंने उसे इंसानियत सिखाई थी, किताबें दी थीं, संस्कार दिए थे। ये सब कैसे हो गया, समझ नहीं पा रही।”
समाज में इस घटना को लेकर काफी चर्चा है। लोग पूछ रहे हैं कि जब एक पढ़ा-लिखा, अच्छे परिवार का युवक ऐसा कदम उठा सकता है, तो युवाओं को सही दिशा दिखाना और भी जरूरी हो जाता है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने तौसीफ को हाल ही में एक मर्डर केस में गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसके पीछे कौन-कौन से गैंग या नेटवर्क सक्रिय हैं।

