प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मॉरीशस द्वारा उन्हें दिया गया सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्राप्त किया, जिसे “नेशनल हॉनर” के नाम से जाना जाता है। यह सम्मान न केवल भारत और मॉरीशस के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों की गहरी परंपरा को मान्यता देता है, बल्कि यह भारतवंशियों के महान योगदान को भी सम्मानित करता है, जिन्होंने मॉरीशस के विकास और समृद्धि में अहम भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान को प्राप्त करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक व्यक्तिगत सम्मान नहीं बल्कि भारत-मॉरीशस के बीच प्रगाढ़ रिश्तों और मॉरीशस में बसे भारतवंशियों के अद्वितीय योगदान का सम्मान है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि मॉरीशस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान न केवल दोनों देशों के ऐतिहासिक और मजबूत रिश्तों को प्रतीकित करता है, बल्कि यह उन लाखों भारतीयों और उनके पूर्वजों का भी सम्मान है जिन्होंने वर्षों पहले मॉरीशस में आकर इसे एक नया आकार दिया और इसकी सांस्कृतिक, सामाजिक तथा आर्थिक समृद्धि में योगदान दिया। उनका कहना था कि यह सम्मान भारतीय समुदाय की कड़ी मेहनत, बलिदान और उनकी प्रेरणादायक यात्रा का प्रतीक है, जिन्होंने कई चुनौतियों के बावजूद मॉरीशस को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
भारत और मॉरीशस के बीच संबंधों की जड़ें बहुत गहरी हैं, और यह रिश्ता न केवल ऐतिहासिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से भी मजबूत है। भारतवंशियों का मॉरीशस में योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय है, क्योंकि उन्होंने यहां की अर्थव्यवस्था, समाज और संस्कृति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका योगदान शिक्षा, व्यवसाय, कृषि, और राजनीति जैसे विभिन्न क्षेत्रों में देखा जा सकता है। इस संबंध में प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से भारतवंशियों की सराहना की, जिन्होंने अपने पूर्वजों की कड़ी मेहनत, संघर्ष और आस्था से मॉरीशस को एक समृद्ध राष्ट्र बनाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सम्मान दोनों देशों के आपसी सम्मान और साझेदारी को और मजबूत करेगा। उनका मानना था कि भारत और मॉरीशस के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध समय के साथ और भी प्रगाढ़ होंगे। दोनों देशों के नेताओं के बीच नियमित संवाद, व्यापारिक संबंधों की वृद्धि और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन इस साझेदारी को और भी सुदृढ़ करेगा। मोदी ने यह भी कहा कि इस सम्मान के साथ ही दोनों देशों के बीच सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए वह और उनके प्रशासन प्रतिबद्ध हैं।
इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान को “भारत-मॉरीशस संबंधों की गहरी जड़ों और दोनों देशों के लोगों के बीच विश्वास और दोस्ती का प्रमाण” बताया। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार भारत और मॉरीशस के बीच दीर्घकालिक मित्रता का प्रतीक है, और भविष्य में दोनों देशों के बीच नए आयामों को जोड़ने का अवसर प्रदान करेगा।
अंततः, प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान के प्रति उनका आभार और दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ संबंधों की दिशा में एक नई प्रेरणा प्रदान करता है।

