योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में होली खेली, एकता और भाईचारे का संदेश देते हुए धर्म और मतभेद मिटाने की बात की
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वर्ष गोरखपुर में होली का पर्व धूमधाम से मनाया। होली का त्योहार रंगों, फूलों और गुलाल से भरा होता है, और यह पर्व समाज में भाईचारे, प्रेम और सौहार्द की भावना को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर एकता और सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए कहा कि होली केवल रंग खेलने का नहीं, बल्कि एक ऐसा अवसर है जब समाज में सभी भेद-भाव और मतभेद मिटाकर हम सभी एक साथ मिलकर खुशी मनाते हैं।
गोरखपुर में होली की खुशियों के बीच सीएम योगी ने विशेष रूप से उन लोगों को जवाब दिया जो सनातन धर्म और उसकी परंपराओं को कोसते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कुछ लोग समाज में विभाजन की कोशिश करते हैं, जबकि होली का पर्व इन मतभेदों को समाप्त करने और एकता की भावना को बढ़ाने का है। उनका कहना था कि हम सबका धर्म एक है, और इस त्योहार के माध्यम से हमें यह समझने की आवश्यकता है कि धर्म और जाति के नाम पर कोई बंटवारा नहीं होना चाहिए।
सीएम योगी ने यह भी कहा कि होली का पर्व न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह मानवता और भाईचारे का प्रतीक भी है। उन्होंने यह संदेश दिया कि समाज में किसी भी प्रकार के मतभेदों को भुलाकर हम सभी को एक साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहिए। उनका मानना है कि यह त्योहार हमें एकता, प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है, और यही हम सभी को अपनी जिंदगी में लागू करना चाहिए।
होली के इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों को खुशियों और समृद्धि की कामना की और कहा कि यह पर्व हमें यह सिखाता है कि जीवन में संघर्षों के बावजूद हमें हमेशा प्यार, भाईचारे और शांति की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह समय है जब हम अपने पुराने गिले-शिकवे भूलकर एक नई शुरुआत करें और समाज में अमन-चैन कायम रखें।
सीएम योगी ने अपने भाषण में यह भी बताया कि होली का त्योहार सामाजिक और सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है और हमें इसे सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाना चाहिए। उनका कहना था कि यह पर्व हमें अपने आसपास के लोगों के साथ मिलकर खुशियों को साझा करने का अवसर देता है।
इस तरह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होली के इस खास मौके पर न केवल रंगों से खेला, बल्कि एकता और भाईचारे का संदेश भी दिया। उनके इस संदेश ने गोरखपुर और पूरे उत्तर प्रदेश में एक सकारात्मक माहौल उत्पन्न किया और समाज में एकजुटता की भावना को बल दिया।

