राजद नेता शिवानंद तिवारी ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल, बताया बिहार राजनीति का विशिष्ट सक्रिय चेहरा
पटना, फरवरी 2026 – बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने जन अधिकार पार्टी (JAP) प्रमुख पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए उन्हें राज्य की राजनीति का विशिष्ट और सक्रिय नेता बताया है।
तिवारी का बयान
शिवानंद तिवारी ने कहा कि पप्पू यादव की राजनीतिक यात्रा बेहद खास रही है। उन्होंने तीन बार निर्दलीय चुनाव जीतकर अपनी ताकत साबित की और छह बार लोकसभा तक पहुंचे। यह उपलब्धि उन्हें बिहार की राजनीति में एक अलग पहचान देती है। तिवारी ने सवाल उठाया कि ऐसे नेता की गिरफ्तारी किस आधार पर की गई और क्या यह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप है।
पप्पू यादव की राजनीतिक यात्रा
पप्पू यादव का राजनीतिक करियर चार दशकों से अधिक लंबा है। उन्होंने कई बार जनता के मुद्दों को उठाया और खासकर शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं से जुड़े विषयों पर सक्रियता दिखाई। उनकी पहचान एक जमीनी नेता के रूप में रही है, जो सीधे जनता से जुड़कर काम करते हैं।
निर्दलीय जीत और बार-बार लोकसभा तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि उनके पास मजबूत जनाधार है। यही कारण है कि उन्हें बिहार की राजनीति में एक विशिष्ट स्थान प्राप्त है।
गिरफ्तारी पर उठे सवाल
पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर विपक्षी दलों ने भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह कदम राजनीतिक प्रेरणा से उठाया गया है। वहीं, समर्थकों का मानना है कि यह कार्रवाई उनके बढ़ते जनाधार और सक्रियता को रोकने के लिए की गई है।
राजद नेता शिवानंद तिवारी ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध की आवाज को दबाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पप्पू यादव जैसे नेताओं की सक्रियता ही लोकतंत्र को जीवंत बनाए रखती है।
राजनीतिक हलचल
इस घटना के बाद बिहार की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल रही है। विपक्षी दल इसे सरकार की रणनीति बता रहे हैं, जबकि सत्ताधारी पक्ष का कहना है कि कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है।
जनता के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज है। कई लोग पप्पू यादव को एक ऐसे नेता के रूप में देखते हैं जो जनता की समस्याओं को सीधे उठाते हैं और उनके समाधान के लिए संघर्ष करते हैं।
निष्कर्ष
पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। राजद नेता शिवानंद तिवारी का बयान इस बात को रेखांकित करता है कि यादव सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि जनता की आवाज हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा और उपलब्धियाँ उन्हें विशिष्ट बनाती हैं।
अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह मामला किस दिशा में जाता है और बिहार की राजनीति पर इसका क्या असर पड़ता है।

