शशि थरूर ने बिलावल भुट्टो की सिंधु जल संधि पर धमकी को उकसावे वाली बताकर करारा जवाब देने की चेतावनी दी
भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों पुरानी सिंधु जल संधि एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। हाल ही में पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने इस संधि को लेकर भारत को धमकी भरे लहजे में चेतावनी दी थी। इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता और पूर्व विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर ने बिलावल के बयान को “उकसावे वाली बयानबाजी” करार दिया और कहा कि भारत किसी भी उकसावे का करारा जवाब देने में सक्षम है।
शशि थरूर ने साफ कहा कि भारत का पाकिस्तान पर आक्रामक रवैया नहीं है, लेकिन अगर कोई भारत की संप्रभुता या हितों के साथ खिलवाड़ करता है, तो उसे उसकी गंभीर कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा, “हम किसी के साथ युद्ध नहीं चाहते, लेकिन अगर खून बहेगा, तो संभवतः वह खून उनके ही हिस्से में ज्यादा होगा।”
थरूर ने यह भी स्पष्ट किया कि सिंधु जल संधि एक अंतरराष्ट्रीय संधि है, जिसे भारत ने हमेशा जिम्मेदारी और शांति के साथ निभाया है। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी भी इस संधि का दुरुपयोग नहीं किया, जबकि पाकिस्तान अक्सर इस मुद्दे को राजनीति और प्रोपेगेंडा का हथियार बनाता रहा है। बिलावल का हालिया बयान इसी प्रवृत्ति का हिस्सा है, जो न केवल अनावश्यक तनाव को बढ़ावा देता है, बल्कि भारत की सहनशीलता की परीक्षा लेने की कोशिश भी करता है।
पूर्व राजनयिक होने के नाते शशि थरूर ने यह भी कहा कि भारत को अपनी कूटनीति में संतुलन बनाए रखते हुए ऐसे बयानों का जवाब देना चाहिए, जिससे हमारी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा हो सके, साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी हमारी स्थिति सशक्त बनी रहे। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि भारत को संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की इस प्रकार की उकसावे वाली बयानबाजी का पर्दाफाश करना चाहिए।
थरूर ने यह भी कहा कि पाकिस्तान को यह समझना होगा कि भारत अब 21वीं सदी का मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र है, जो न केवल अपने हितों की रक्षा कर सकता है बल्कि आक्रामकता का जवाब भी पूरी ताकत से दे सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय शांति और स्थायित्व की जिम्मेदारी केवल भारत की नहीं है, पाकिस्तान को भी अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा।
इस पूरी स्थिति को देखते हुए यह स्पष्ट है कि भारत अब ऐसे बयानों को नजरअंदाज करने के मूड में नहीं है। शशि थरूर की यह चेतावनी न केवल पाकिस्तान के लिए एक मजबूत संदेश है, बल्कि देशवासियों को यह भरोसा भी दिलाती है कि भारत की नेतृत्व क्षमता हर मोर्चे पर सजग और सशक्त है।
इस प्रकरण ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि भारत अब केवल सहिष्णुता का परिचय देने वाला देश नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर सटीक और करारा जवाब देने में सक्षम वैश्विक शक्ति बन चुका है।

