तेज प्रताप की गैरजिम्मेदार हरकतों से नाराज़ लालू ने पार्टी और परिवार से निकाला, वायरल पोस्ट बनी वजह
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में एक बार फिर से पारिवारिक विवाद ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। पार्टी सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार दोनों से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यह कदम एक वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के बाद उठाया गया है, जिसमें तेज प्रताप एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि बीते कई महीनों से तेज प्रताप की गतिविधियों को लेकर परिवार और पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ता जा रहा था। तेज प्रताप पर पहले भी गैरजिम्मेदार बयानबाजी, अनियमित व्यवहार और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले कदमों के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन इस बार वायरल हुई पोस्ट ने लालू प्रसाद को बेहद नाराज कर दिया, जिसके बाद उन्होंने यह कठोर निर्णय लिया।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, लालू प्रसाद ने साफ कहा कि “राजनीति में जिम्मेदारी और संयम की आवश्यकता होती है। जो व्यक्ति निजी जीवन में मर्यादा नहीं रख सकता, वह सार्वजनिक जीवन में लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता।” इस बयान के बाद राजद की ओर से एक आधिकारिक विज्ञप्ति जारी कर तेज प्रताप को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया।
तेज प्रताप यादव, जो कभी कृष्ण भक्ति और “सादा जीवन, उच्च विचार” की छवि से पहचाने जाते थे, हाल के वर्षों में लगातार विवादों में घिरे रहे हैं। चाहे वह अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय से तलाक का मामला हो, या फिर अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव के खिलाफ बयानबाजी, तेज प्रताप का बर्ताव अक्सर परिवार और पार्टी के लिए असहजता का कारण बना है।
लालू परिवार के करीबी सूत्रों का मानना है कि तेज प्रताप और तेजस्वी के बीच मतभेद गहराते जा रहे थे। तेजस्वी यादव, जो अब पार्टी का चेहरा और भावी मुख्यमंत्री उम्मीदवार हैं, लंबे समय से अपने भाई के व्यवहार से परेशान थे। अब जबकि लालू प्रसाद ने खुद तेज प्रताप से किनारा कर लिया है, यह स्पष्ट संकेत है कि पार्टी अब तेजस्वी के नेतृत्व में एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहती है।
सोशल मीडिया पर भी इस फैसले की जोरदार चर्चा हो रही है। कुछ लोग इसे कठोर लेकिन जरूरी कदम बता रहे हैं, तो कुछ लोग इसे पारिवारिक विघटन का दुखद परिणाम मानते हैं। वहीं, तेज प्रताप यादव ने एक वीडियो संदेश में कहा कि “सच सामने आएगा, मुझे बदनाम किया जा रहा है। मैं अभी चुप हूं लेकिन हमेशा नहीं रहूंगा।”
अब देखना यह है कि तेज प्रताप इस निर्णय के बाद क्या राजनीतिक कदम उठाते हैं। क्या वे कोई नया मोर्चा खोलेंगे या राजनीति से विरक्त हो जाएंगे — इसका जवाब आने वाले दिनों में मिल सकता है। फिलहाल इतना तय है कि राजद में एक नया अध्याय शुरू हो गया है, जिसमें तेज प्रताप की कोई भूमिका नहीं होगी।

